एपस्टीन फाइल जांच के बाद बोर्गे ब्रेंडे का इस्तीफा, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में नेतृत्व संकट
चिरौरी न्यूज
जेनेवा/न्यूयॉर्क: वैश्विक आर्थिक और नीतिगत विमर्श के प्रमुख मंच वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) को बड़ा झटका लगा है। संगठन के अध्यक्ष और सीईओ बोर्गे ब्रेंडे ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। यह फैसला उस समय आया है जब अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी खुलासों में उनके दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ संबंधों की जांच शुरू होने की बात सामने आई है।
क्या है मामला?
अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों के अनुसार, ब्रेंडे ने एपस्टीन के साथ तीन व्यावसायिक रात्रिभोज (बिजनेस डिनर) किए थे। इसके अलावा दोनों के बीच ईमेल और टेक्स्ट संदेशों के माध्यम से भी संवाद हुआ था। इन खुलासों के बाद मामले की जांच प्रारंभ की गई, जिसके चलते ब्रेंडे पर नैतिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ गया।
हालांकि अब तक किसी भी अवैध गतिविधि में उनकी प्रत्यक्ष संलिप्तता का आधिकारिक आरोप सामने नहीं आया है, लेकिन एपस्टीन से जुड़े किसी भी व्यक्ति पर वैश्विक स्तर पर गंभीर सवाल खड़े होते रहे हैं।
इस्तीफे की घोषणा
अपने बयान में ब्रेंडे ने कहा, “गहन विचार-विमर्श के बाद मैंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अध्यक्ष और सीईओ पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। यहां बिताए गए मेरे साढ़े आठ वर्ष अत्यंत संतोषजनक और प्रेरणादायक रहे हैं।”
उन्होंने संगठन के सहयोगियों, वैश्विक साझेदारों और नीति-निर्माताओं का आभार भी व्यक्त किया।
डब्ल्यूईएफ पर क्या पड़ेगा असर?
डब्ल्यूईएफ, जो हर वर्ष दावोस में आयोजित होने वाली विश्वप्रसिद्ध बैठक के लिए जाना जाता है, वैश्विक नेताओं, उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं का प्रमुख मंच है। ब्रेंडे के नेतृत्व में संगठन ने जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, वैश्विक आर्थिक असमानता और डिजिटल परिवर्तन जैसे मुद्दों पर व्यापक पहलें की थीं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम डब्ल्यूईएफ की छवि और विश्वसनीयता पर अस्थायी असर डाल सकता है। संगठन को अब नए नेतृत्व की नियुक्ति के साथ-साथ पारदर्शिता और नैतिक मानकों को लेकर सख्त संदेश देना होगा।
डब्ल्यूईएफ की ओर से अभी अंतरिम नेतृत्व या नए सीईओ की नियुक्ति को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं, जांच एजेंसियां एपस्टीन से जुड़े संपर्कों की व्यापक पड़ताल कर रही हैं।
ब्रेंडे का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब वैश्विक मंचों पर पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण को लेकर अपेक्षाएं पहले से कहीं अधिक बढ़ चुकी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
