पूरे पश्चिम बंगाल में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोज़र चलाए जाएंगे: मंत्री दिलीप घोष

Bulldozers will be deployed against illegal constructions across West Bengal: Minister Dilip Ghoshचिरौरी न्यूज

कोलकाता: हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में अब “बुलडोज़र राजनीति” की चर्चा तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त प्रशासनिक शैली से जुड़ा यह मॉडल अब बंगाल में भी दिखाई देने लगा है।

खड़गपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य मंत्री दिलीप घोष ने साफ शब्दों में कहा कि राज्यभर में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोज़र चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “जहाँ भी अवैध कब्ज़ा या निर्माण मिलेगा, वहाँ कार्रवाई होगी। नई सरकार ने पहले दिन से ही यह अभियान शुरू कर दिया है। सरकारी ज़मीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

खड़गपुर सदर से विधायक बने घोष ने लोगों से कानून का पालन करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून के दायरे में रहकर काम करने वालों को सरकार पूरा समर्थन देगी।

दिलीप घोष का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ घंटे पहले ही हावड़ा रेलवे स्टेशन के पास स्थानीय प्रशासन ने भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बड़े पैमाने पर तोड़-फोड़ अभियान चलाया था। इस कार्रवाई के दौरान कई अस्थायी ढाँचों को हटाया गया।

इसी क्रम में कुछ दिन पहले कोलकाता नगर निगम ने एक अवैध इमारत को ध्वस्त कर दिया था, जिसमें कथित तौर पर चमड़े की फैक्ट्री संचालित हो रही थी। यह कार्रवाई 12 मई को लगी भीषण आग के बाद की गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। प्रशासन का कहना था कि इमारत के पास आवश्यक वैध दस्तावेज़ नहीं थे।

राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी अवैध निर्माणों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “अगर कोई निर्माण अवैध है तो पहले नोटिस दिया जाएगा। लेकिन यदि भवन के कानूनी दस्तावेज़ नहीं हैं, तो उसे संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”

हालांकि, इस तरह की कार्रवाइयों को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। पश्चिम बंगाल में “बुलडोज़र राजनीति” की शुरुआत बीजेपी सरकार के गठन से पहले ही देखने को मिली थी। 6 मई को हॉग मार्केट इलाके के पास बुलडोज़रों के साथ पहुंचे कुछ लोगों ने कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के एक दफ़्तर को निशाना बनाया था। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और व्यापारियों को जल्दबाजी में अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं।

जहाँ स्थानीय लोगों का दावा था कि संबंधित इमारत अवैध थी, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” करार दिया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई की आड़ में विपक्षी दलों को निशाना बनाया जा रहा है।

दरअसल, “बुलडोज़र राजनीति” शब्द 2017 में योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। इसका इस्तेमाल उन कार्रवाइयों के लिए किया जाता है, जिनमें सरकार अवैध निर्माण, अतिक्रमण और कानून व्यवस्था के मामलों में सख्त रवैया अपनाती है। उत्तर प्रदेश के बाद कई बीजेपी शासित राज्यों में भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिली और अब पश्चिम बंगाल में भी इसकी शुरुआत ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *