‘कोच, चिंता मत करो… आज 13 छक्के मारूंगा’, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का आत्मविश्वास देख दंग रह गए कुमार संगकारा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: क्रिकेट में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं रही, लेकिन 15 साल की उम्र में जिस आत्मविश्वास के साथ वैभव सूर्यवंशी खेल रहे हैं, उसने दिग्गजों को भी हैरान कर दिया है। श्रीलंका के पूर्व कप्तान और राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच कुमार संगकारा ने एक ऐसा किस्सा साझा किया, जिसने युवा बल्लेबाज के बेखौफ अंदाज और मानसिक मजबूती की झलक दुनिया के सामने रख दी।
इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच तीसरे टेस्ट के दौरान स्काई स्पोर्ट्स के कमेंट्री बॉक्स में बातचीत करते हुए संगकारा ने बताया कि आईपीएल 2026 के एक अहम मुकाबले से ठीक पहले वैभव ने जो कहा था, वह आज भी उनके जेहन में ताजा है।
‘कोच, चिंता मत करो… काम हो जाएगा’
संगकारा ने बताया कि यह मुकाबला लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ था। राजस्थान रॉयल्स को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए 221 रन का मुश्किल लक्ष्य हासिल करना था। ड्रेसिंग रूम में तनाव साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन 15 साल के वैभव के चेहरे पर दबाव का नामोनिशान नहीं था।
संगकारा ने कहा, “जब वैभव बल्लेबाजी के लिए मैदान पर जा रहे थे, उन्होंने मेरी तरफ देखा, आंख मारी और कहा- ‘कोच, चिंता मत करो… काम हो जाएगा।'” फिर साथियों से बोले- ‘आज 13 छक्के मारूंगा’ इसके बाद वैभव ड्रेसिंग रूम में मौजूद अपने साथियों डोनोवन फरेरा और लुआन-ड्रे प्रिटोरियस के पास पहुंचे और पूरे आत्मविश्वास से बोले, “सुनो तुम दोनों… आज मैं 13 छक्के मारने वाला हूं। उसके बाद तुम लोग आकर मैच खत्म कर देना।”
पहले तो दोनों खिलाड़ियों को लगा कि वैभव मजाक कर रहे हैं, लेकिन जैसे-जैसे उनकी बल्लेबाजी आगे बढ़ी, सभी हैरान रह गए। संगकारा ने हंसते हुए कहा, “जब वैभव ने लगातार पांच छक्के लगा दिए, तब डोनोवन और लुआन-ड्रे सचमुच उनके छक्के गिनने लगे, क्योंकि उन्हें लगने लगा था कि वह अपनी बात सच कर देंगे।”
38 गेंदों में 93 रन, रिकॉर्डों की बरसात
वैभव अपनी भविष्यवाणी पूरी तो नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने लखनऊ के गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए सिर्फ 38 गेंदों में 93 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 10 छक्के जड़े और शतक से महज सात रन दूर रह गए।
आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। उन्होंने 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की और अकेले दम पर राजस्थान रॉयल्स को प्लेऑफ तक पहुंचाया। इसके साथ ही उन्होंने टी20 क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड भी तोड़ दिए।
वह महज 440 गेंदों में 1000 टी20 रन पूरे करने वाले सबसे तेज बल्लेबाज बने। इतना ही नहीं, एक ही आईपीएल सीजन में 500 पावरप्ले रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज भी बने।
‘शोहरत का उन पर कोई असर नहीं’
संगकारा का मानना है कि इतनी कम उम्र में मिली सफलता के बावजूद वैभव पूरी तरह जमीन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, “आगे उन्हें क्रिकेट और कमर्शियल दुनिया में कई मौके मिलेंगे। परिवार और टीम का साथ उनके लिए बेहद अहम होगा। लेकिन मैं एक बात पूरे भरोसे से कह सकता हूं कि वैभव को सिर्फ बल्लेबाजी से प्यार है। शोहरत और चकाचौंध का उन पर कोई असर नहीं पड़ता। वह बेहद विनम्र हैं और हर दिन कुछ नया सीखना चाहते हैं।”
संगकारा ने वैभव की मानसिक परिपक्वता की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वैभव हर समय सिर्फ क्रिकेट के बारे में नहीं सोचते, बल्कि जीवन के दूसरे पहलुओं को भी महत्व देते हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि वैभव भारतीय क्रिकेट, विश्व क्रिकेट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल होंगे। मानसिक रूप से वह बेहद मजबूत हैं और शोहरत के साथ आने वाले दबाव को भी अच्छी तरह संभाल लेंगे।”
अब सचिन का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने की बारी
आईपीएल के बाद वैभव ने श्रीलंका में इंडिया ए की ट्राई-सीरीज में भी शानदार प्रदर्शन किया। डंबुला में श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की तूफानी पारी खेली।
इसके बाद उन्हें पहली बार भारत की टी20 टीम में जगह मिली और वह फिलहाल टीम इंडिया के साथ यूके दौरे पर हैं। हालांकि आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 में उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला, लेकिन उम्मीद है कि इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज में उन्हें अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिल सकता है।
अगर वैभव इस दौरे पर भारत के लिए पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलते हैं, तो वह 15 साल की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगे और सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे।
