कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ऋषिकांत सिंह ने रचा इतिहास, वेटलिफ्टिंग में जीता रजत पदक
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारत के स्टार वेटलिफ्टर चनाम्बम ऋषिकांत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। रविवार को खेले गए मुकाबले में ऋषिकांत ने कुल 264 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। हालांकि मलेशिया के मोहम्मद अनीक बिन कसदान ने कुल 273 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
यह ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का दूसरा पदक है। इससे पहले पैरा पावरलिफ्टर झांडू कुमार ने पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत का खाता खोला था। वहीं केन्या के जोशुआ अमुंगा म्बोया ने कुल 260 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया।
स्नैच में बनाया नया गेम्स रिकॉर्ड
ऋषिकांत ने प्रतियोगिता की शुरुआत शानदार अंदाज में की। उन्होंने स्नैच में क्रमशः 116 किग्रा, 119 किग्रा और तीसरे प्रयास में 121 किग्रा वजन सफलतापूर्वक उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा। हालांकि मलेशिया के अनीक ने भी अपने अंतिम प्रयास में 121 किग्रा उठाकर इस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
स्नैच के बाद दोनों खिलाड़ी बराबरी पर थे और मुकाबला क्लीन एंड जर्क में पहुंच गया। ऋषिकांत ने पहले प्रयास में 143 किग्रा वजन उठाकर कुल 264 किग्रा का स्कोर बनाया। इसके बाद उन्होंने 148 किग्रा उठाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके।
दूसरी ओर अनीक ने 149 किग्रा वजन सफलतापूर्वक उठाकर बढ़त बना ली। गोल्ड जीतने के लिए ऋषिकांत को अंतिम प्रयास में 151 किग्रा उठाना था, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाए। इसके साथ ही उनका कुल स्कोर 264 किग्रा पर ही रुक गया और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
कौन हैं ऋषिकांत सिंह?
मणिपुर के इम्फाल वेस्ट के रहने वाले चनाम्बम ऋषिकांत सिंह भारतीय वेटलिफ्टिंग के उभरते सितारों में गिने जाते हैं। उन्होंने 2025 कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप (अहमदाबाद) में स्वर्ण पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई किया था। उस प्रतियोगिता में उन्होंने कुल 271 किलोग्राम वजन उठाते हुए राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था।
भारतीय सेना के खेल कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ऋषिकांत ने हल्के भार वर्ग में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स उनके करियर का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स है। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में 55 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया था। अंतरराष्ट्रीय भार वर्गों में बदलाव के बाद वह 60 किलोग्राम वर्ग में पहुंचे और यहीं उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ऋषिकांत ने 2025 विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कुल 269 किलोग्राम वजन उठाकर 11वां स्थान हासिल किया था। वहीं 2024 राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने स्नैच में 124 किलोग्राम उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऋषिकांत सिंह का यह रजत पदक भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और भविष्य में उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
