‘वंदे मातरम’ बहस पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा में भड़के, विपक्ष से तीखी नोकझोंक

Defence Minister Rajnath Singh erupts in Lok Sabha over 'Vande Mataram' debate, sparks heated exchange with oppositionचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ के मुद्दे पर जोरदार भाषण दे रहे थे, तभी विपक्षी सांसदों के टोकने पर उनका आपा खो गया। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिख रहा है कि विपक्षी सांसद उन्हें बैठने के लिए कह रहे हैं, जिस पर सिंह गुस्से में पलटकर पूछते हैं, “कौन बैठने वाला है? कौन बैठाएगा? क्या बात कर रहे हो… बैठो! यह हिम्मत हो गई?”

कई बीजेपी सांसद भी विपक्ष पर बरसते दिखे और सवाल किया कि वे मंत्री को बैठने के लिए कैसे कह सकते हैं। इसके बाद सिंह ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से हस्तक्षेप की मांग की, जिन्होंने विपक्ष को शांत रहने का निर्देश दिया।

कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम’ को टुकड़ों में बांटने का आरोप

अपने भाषण में राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते राष्ट्रीय गीत को “टुकड़ों में बांट दिया” और यह परंपरा नेहरू युग से शुरू हुई थी। उन्होंने कहा, “वंदे मातरम की शान को वापस लाना आज के समय की जरूरत और नैतिकता की मांग है। इसके साथ जो अन्याय हुआ, वह सिर्फ एक गाने के साथ नहीं बल्कि आज़ाद भारत के लोगों के साथ भी अन्याय था।”

राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि आनंद मठ और पूरा गीत किसी भी तरह “इस्लाम विरोधी” नहीं थे, बल्कि बंगाल के नवाब और ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष की भावनाओं को दर्शाते थे।

मोदी ने दी इतिहास और योगदान की याद

लोकसभा में बहस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। उन्होंने बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा 1875 में लिखे गए ‘वंदे मातरम’ की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका पर प्रकाश डाला। मोदी ने कहा, “वंदे मातरम सिर्फ़ राजनीतिक आज़ादी का मंत्र नहीं था; यह उपनिवेशवाद के खिलाफ एक पवित्र युद्धघोष था… 150 वर्षों का यह ऐतिहासिक क्षण हमारे लिए गर्व की बात है।”

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गीत के 100 वर्ष पूरे होने पर देश इमर्जेंसी के अंधकार में घिरा था, और उस दौर में देशभक्ति की आवाज़ें दबा दी गई थीं। यह बहस उस समय हो रही है जब एक महीने पहले पीएम मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि उसने 1937 के फैजाबाद अधिवेशन में वंदे मातरम के “ज़रूरी छंद” हटाए थे। कांग्रेस का कहना है कि यह निर्णय रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर और सभी समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।

प्रियंका गांधी का पलटवार

बहस का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर बंगाल चुनाव को देखते हुए मुद्दे को बेवजह उभारने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “PM मोदी नेहरू जी को चुन-चुनकर कोट करते हैं। अगर BJP को हर बार नेहरू पर बहस करनी है, तो एक लिस्ट बना लें और इस चैप्टर को खत्म करें। संसद का समय असली मुद्दों पर लगे।”

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