चिरौरी स्पेशलदेश-प्रदेशनीति राजनीतिहाल फिलहाल

SIR के बाद उत्तराखंड की फ़ाइनल वोटर लिस्ट में 8 लाख की कमी, कांग्रेस ने सवाल उठाए

Drop of 8 lakh in Uttarakhand's final voter list after SIR; Congress raises questions.
(File photo)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची, जो मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद शनिवार को जारी की गई, में लगभग 71.58 लाख मतदाता हैं। यह संख्या इस प्रक्रिया की शुरुआत में मौजूद मतदाताओं की संख्या से लगभग 8 लाख कम है।

राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी, कांग्रेस ने इस कमी को बहुत ज़्यादा बताया है। कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि संशोधन प्रक्रिया से पहले मतदाताओं की संख्या 85.19 लाख थी और अब यह घटकर 71.58 लाख हो गई है, यानी इसमें लगभग 14 लाख की कमी आई है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि जब 8 जून को SIR शुरू हुआ, तो मतदाता सूची में 79.6 लाख मतदाता थे। गणना फॉर्म बांटे जाने और उन्हें संकलित करने के बाद, 14 जुलाई को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में लगभग 71.33 लाख मतदाता थे।

इसके बाद मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 14 जुलाई से 13 अगस्त तक का समय दिया गया। इन पर 13 अगस्त से 28 सितंबर के बीच कार्रवाई की गई, जिसके बाद 3 अक्टूबर को 71.58 लाख मतदाताओं के साथ अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या संशोधन की शुरुआत की मतदाता सूची की तुलना में 8.01 लाख कम है। अंतिम मतदाता सूची में 37,37,701 पुरुष मतदाता, 34,21,036 महिला मतदाता और 212 थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं।

इसमें 18-19 आयु वर्ग के 72,656 मतदाता और 80 वर्ष से अधिक आयु के 1,22,892 मतदाता भी शामिल हैं। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान, 1,29,872 पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ा गया, जबकि 1,04,708 नाम हटा दिए गए।

SIR का आयोजन 1 जुलाई, 2026 को अर्हता तिथि (qualifying date) मानकर किया गया था। CEO ऑफिस ने कहा है कि जो लोग किसी भी वजह से फ़ाइनल वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए थे, वे अब भी ECI-Net ऐप के ज़रिए फ़ॉर्म 6 भरकर ऑनलाइन या अपने बूथ लेवल ऑफ़िसर (BLO) के ज़रिए ऑफ़लाइन अप्लाई कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और BLOs को जानकारी इकट्ठा करने के लिए घर-घर जाकर सर्वे करने को कहा गया है। वे मौजूदा वोटर लिस्ट की तुलना पहले की लिस्ट से भी करेंगे ताकि ऐसे वोटर्स की पहचान की जा सके जिनके नाम पहले की लिस्ट में तो थे लेकिन मौजूदा लिस्ट में नहीं हैं।

अधिकारी ऐसे वोटर्स के घर जाकर उनकी स्थिति की जांच करेंगे और अगर वे योग्य पाए जाते हैं, तो वोटर लिस्ट में उनके नाम शामिल करने के लिए फ़ॉर्म 6 भरने में उनकी मदद करेंगे।

वे पहली बार वोट देने वाले और अन्य योग्य युवा वोटर्स की भी मदद करेंगे जो लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं। ऐसे वोटर्स की लिस्ट बूथ-लेवल एजेंट्स और मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ शेयर की जाएगी, जिससे योग्य वोटर्स को वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने का एक और मौका मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *