आतंकवाद से लेकर कनेक्टिविटी तक, SCO सम्मेलन में पीएम मोदी का कड़ा संदेश
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए पूरे आतंकवादी इकोसिस्टम को खत्म करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर किसी भी तरह के दोहरे मापदंड की कोई जगह नहीं हो सकती।
राउंडटेबल चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सभी देशों को आतंकवाद के मुद्दे पर एक स्वर में बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो देश आतंकवाद को अपनी नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकवादियों को पनाह तथा समर्थन देते हैं, उन्हें स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि आतंकवाद किसी के लिए भी रणनीतिक संपत्ति नहीं बन सकता।
इस चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव और ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन शामिल हुए।
सुरक्षा चुनौतियों पर प्रधानमंत्री का जोर
क्षेत्र के सामने मौजूद व्यापक सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परस्पर जुड़ी दुनिया में सुरक्षा का दायरा लगातार व्यापक हो रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के संकट ने दिखाया है कि किसी एक क्षेत्र में होने वाला संघर्ष केवल उसी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। उसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भी पड़ता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे संघर्षों की सबसे बड़ी कीमत ग्लोबल साउथ के देशों को चुकानी पड़ती है। उन्होंने भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी तनावों और युद्धों का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए।
नार्को-टेररिज्म पर चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने नशीले पदार्थों की तस्करी को युवाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ता हुआ खतरा बताया। उन्होंने SCO देशों के बीच नशीले पदार्थों और संगठित अपराध से निपटने के लिए मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ड्रग तस्करी केवल अपराध नहीं है, बल्कि यह युवा पीढ़ी और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। प्रधानमंत्री ने सुरक्षा खतरों, संगठित अपराध, सूचना सुरक्षा और नशीले पदार्थों जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए SCO के तहत स्थापित किए जा रहे केंद्रों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को व्यावहारिक समन्वय और समय पर कार्रवाई के प्रभावी साधन के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान जरूरी
कनेक्टिविटी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत बाजारों को जोड़ने, व्यापार को आसान बनाने और विकास के नए रास्ते खोलने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी पहलों में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने इसे SCO चार्टर की मूल भावना का हिस्सा बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में कनेक्टिविटी का दायरा केवल सड़कों, रेलवे और हवाई गलियारों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके साथ सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल बनाना, डिजिटल दस्तावेजीकरण को बढ़ावा देना और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को अधिक प्रभावी बनाना भी आवश्यक होगा।
‘अवसर’ को बताया भारत के दृष्टिकोण का तीसरा स्तंभ
प्रधानमंत्री मोदी ने SCO के प्रति भारत के दृष्टिकोण के तीसरे स्तंभ के रूप में ‘अवसर’ को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि SCO सहयोग के लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच मजबूत संबंध भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लिए SCO महान सभ्यताओं, संस्कृतियों और विचारों का संगम है। SCO के अगले 25 वर्षों में लोगों के बीच संबंधों को सहयोग के केंद्र में बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि SCO सहयोग की सफलता का आकलन इस आधार पर किया जाना चाहिए कि इससे युवाओं, उद्यमियों और किसानों के लिए कितने अवसर पैदा होते हैं और इसका आम लोगों के जीवन पर कितना सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
शी जिनपिंग और पुतिन से हुई संक्षिप्त बातचीत
इससे पहले SCO नेताओं ने आधिकारिक ग्रुप फोटो के लिए एकत्रित होकर वार्षिक शिखर सम्मेलन की पारंपरिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया। फैमिली फोटो सेशन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ संक्षिप्त बातचीत करते हुए देखा गया।
ग्रुप फोटो के लिए नेताओं के खड़े होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। वहीं, फोटो के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को राष्ट्रपति पुतिन के पास जाते हुए देखा गया।
दो दिवसीय शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। हालांकि, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना कम बताई गई है।
