हरदीप सिंह पुरी ने OPEC के साथ भारत की साझेदारी पर दिया जोर, वैश्विक ऊर्जा बदलाव में संतुलित तेल बाजार की जरूरत पर चर्चा

Hardeep Singh Puri emphasizes India's strong partnership with OPEC, discusses the need for a balanced oil market in the global energy transitionचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ऑर्गनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज़ (OPEC) के साथ भारत की मजबूत साझेदारी को रेखांकित करते हुए वैश्विक ऊर्जा संक्रमण को सुगम बनाने के लिए तेल बाजारों को संतुलित और पूर्वानुमेय बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

पुरी ने यह बयान विएना में आयोजित 9वें OPEC इंटरनेशनल सेमिनार के दौरान OPEC के महासचिव हैथम अल-गैस से मुलाकात के बाद दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “हमने भारत और OPEC के बीच मजबूत साझेदारी और हालिया भू-राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनज़र वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए तेल बाजारों को संतुलित और स्थिर बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की।”

पुरी ने कहा कि भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है, और OPEC, जो प्रमुख तेल उत्पादक देशों का समूह है, के बीच एक अनूठा और परस्पर लाभकारी संबंध है।

सेमिनार को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि भारत ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने प्रयासों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है, साथ ही देशवासियों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम भी लागू कर रहा है।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत अब तक 10.3 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्रदान किए जा चुके हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छ खाना पकाने का कार्यक्रम है।”

पुरी ने बताया कि इस पहल ने ऊर्जा की पहुंच और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाया है। 2014 में भारत में एलपीजी की पहुंच जहां केवल 55 प्रतिशत थी, वहीं आज यह लगभग सार्वभौमिक हो चुकी है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में 58 प्रतिशत की तेज़ वृद्धि के बावजूद, PMUY लाभार्थियों को 14.2 किलो गैस सिलेंडर मात्र $6-7 में उपलब्ध कराया जा रहा है, जो जुलाई 2023 में $10-11 थी। यह कीमत वैश्विक स्तर पर सबसे कम में से एक है और इसमें सरकार की ओर से भारी सब्सिडी और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा 4.7 अरब डॉलर का घाटा सहन करना शामिल है।

पुरी ने OPEC और अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई ताकि ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके और विश्व एक संतुलित, सुरक्षित तथा टिकाऊ ऊर्जा भविष्य की ओर अग्रसर हो सके।

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