सतलुज-यमुना लिंक विवाद: भगवंत मान ने उठाया सिंधु जल संधि सस्पेंशन का मुद्दा, ‘पंजाब की जल जरूरतें हों प्राथमिकता’

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर विवाद को सुलझाने के लिए बैठक की। इस दौरान उन्होंने हाल ही में केंद्र द्वारा इंडस जल संधि (Indus Water Treaty) को निलंबित करने के फैसले को पंजाब की जल आवश्यकताओं को पूरा करने का एक “अवसर” बताया।
मान ने कहा, “पाकिस्तान के साथ संधि निलंबित होने के बाद पश्चिमी नदियों (इंडस, झेलम, चिनाब) के जल का भारत में अधिक उपयोग संभव हुआ है, ऐसे में पंजाब को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि राज्य गंभीर भूजल संकट से जूझ रहा है।”
YSL का सुझाव SYL के बदले
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मान ने एक नया प्रस्ताव भी रखा—SYL की बजाय YSL (यमुना-सतलुज लिंक) नहर का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा, “हरियाणा और पंजाब भाई हैं। यह लड़ाई अब खत्म होनी चाहिए। अगर नहर कश्मीर से आती है, तो दोनों राज्यों को 2 MF नहीं बल्कि 23 MF पानी मिल सकता है।”
SYL विवाद की पृष्ठभूमि
- हरियाणा के 1966 में पंजाब से अलग होने के बाद 1981 में दोनों राज्यों के बीच जल समझौता हुआ था।
- इसके तहत 214 किलोमीटर लंबी SYL नहर का प्रस्ताव रखा गया था—जिसमें से 122 किमी पंजाब और 92 किमी हरियाणा में बननी थी।
- लेकिन 2004 में पंजाब ने ‘Punjab Termination of Agreements Act’ पारित कर जल समझौतों को रद्द करने का प्रयास किया।
- सुप्रीम कोर्ट ने 2002 में हरियाणा के पक्ष में फैसला दिया था, जिसे पंजाब ने चुनौती दी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
मान का स्पष्ट रुख: “एक बूंद पानी भी नहीं देंगे”
बैठक के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की उपस्थिति में मुख्यमंत्री मान ने दोहराया कि पंजाब के पास “बांटने के लिए एक बूंद पानी भी नहीं है।” उन्होंने कहा कि SYL नहर पंजाब के लिए “भावनात्मक मुद्दा” है और इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर संकट खड़ा हो सकता है।
हालांकि, दोनों मुख्यमंत्रियों ने आशा जताई कि यह विवाद जल्द सुलझेगा। अगली बैठक 5 अगस्त को होगी।
हरियाणा की प्रतिक्रिया
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा, “बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई और भगवंत मान जी ने माना कि यह विवाद बहुत पुराना है और इसे सुलझाया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि अगली बैठक में सकारात्मक समाधान की उम्मीद की जा सकती है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को SYL विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी दी थी। हरियाणा और केंद्र दोनों जगह बीजेपी की सरकार होते हुए भी अब तक पानी नहीं मिला। अब सीधे अवमानना याचिका दायर की जानी चाहिए।”
वहीं INLD विधायक अर्जुन चौटाला ने भगवंत मान पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, “जल एक राष्ट्रीय संसाधन है, किसी राज्य की संपत्ति नहीं। SYL हरियाणा की जीवनरेखा है और हमें हमारा हक मिलना चाहिए।” बैठक में केंद्रीय सचिव देबाशीष मुखर्जी, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
