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एशियाई खेलों में भारत का ऐतिहासिक ‘गोल्डन डबल’, पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर जीत गोल्ड

India’s historic ‘Golden Double’ at the Asian Games: Men’s hockey team wins gold by defeating Malaysia 5-1.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारत ने एशियाई खेलों में पुरुष हॉकी का खिताब बरकरार रखते हुए इतिहास रच दिया है। शनिवार को खेले गए फाइनल में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ लगातार दूसरी बार खिताब जीता, बल्कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल कर लिया।

भारत के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि एक दिन पहले ही भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। इस तरह एक ही एशियाई खेलों में पहली बार भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक हासिल किया।

हरमनप्रीत ने दिलाई शानदार शुरुआत

डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने फाइनल में शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर में मलेशिया पर लगातार दबाव बनाया और 11वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई।

मलेशिया ने हालांकि ज्यादा देर नहीं लगाई और 14वें मिनट में शैली सिल्वेरियस ने फील्ड गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। भारत ने इसके बाद अपनी आक्रामक रणनीति जारी रखी। 23वें मिनट में जुगराज सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागकर भारत को फिर 2-1 से आगे कर दिया। हाफ टाइम तक यही स्कोर रहा।

दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने मलेशिया को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया। 42वें मिनट में उप-कप्तान हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर भारत की बढ़त 3-1 कर दी। इसके बाद 54वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने शानदार फील्ड गोल करते हुए भारत का स्कोर 4-1 कर दिया। मैच के अंतिम चरण में 57वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत की जीत पर मुहर लगा दी। अंतिम सीटी बजने तक भारत 5-1 से आगे था और उसने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पांचवीं बार एशियाई खेलों का खिताब जीता। भारत इससे पहले 1966, 1998, 2014 और 2022 में चैंपियन बना था। 2022 के बाद लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर भारत ने एशियाई खेलों में पहली बार पुरुष हॉकी के खिताब का सफलतापूर्वक बचाव भी किया।

महिला टीम की जीत के साथ ‘गोल्डन डबल’

भारत की इस उपलब्धि को और खास बनाया महिला हॉकी टीम के स्वर्ण पदक ने। महिला टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। पुरुष टीम की जीत के साथ भारत ने पहली बार एक ही एशियाई खेलों में पुरुष और महिला हॉकी दोनों के स्वर्ण पदक जीतने का ऐतिहासिक ‘गोल्डन डबल’ पूरा किया।

एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक भारत के लिए 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। खिताब जीतने के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने LA 2028 के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया है।

फाइनल में हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने एक-एक गोल किया। मलेशिया को रजत और पाकिस्तान को कांस्य पदक मिला। भारत के लिए यह सिर्फ एक और एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक नहीं, बल्कि पुरुष और महिला दोनों टीमों की ऐतिहासिक सफलता के साथ भारतीय हॉकी के लिए एक यादगार ‘गोल्डन डबल’ रहा।

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