आईटीबी बर्लिन 2026 का समापन: पवेलियन-200 में राजस्थान ने खींचा वैश्विक पर्यटन जगत का ध्यान

ITB Berlin 2026 concludes: Rajasthan captures global tourism attention at Pavilion 200चिरौरी न्यूज

जयपुर/बर्लिन: विश्व के सबसे बड़े ट्रेवल ट्रेड मेले आईटीबी बर्लिन 2026 का गुरुवार को समापन हो गया। तीन दिन तक चले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में राजस्थान पर्यटन ने अपने पवेलियन-200 के माध्यम से राज्य की विरासत, संस्कृति और विविध पर्यटन अनुभवों को वैश्विक पर्यटन उद्योग के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। आयोजन के दौरान राजस्थान मंडप पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और आगंतुकों की लगातार आवाजाही बनी रही।

राजस्थान पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ के नेतृत्व में विभागीय प्रतिनिधिमंडल मेले में शामिल हुआ। उनके साथ अतिरिक्त निदेशक पवन जैन और संयुक्त निदेशक डॉ. पुनीता सिंह भी बर्लिन में मौजूद रहीं और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन जगत के प्रतिनिधियों से संवाद किया।

राजस्थान मंडप को राज्य की पारंपरिक स्थापत्य शैली के अनुरूप तैयार किया गया था। यहाँ आने वाले आगंतुकों को राजस्थान के ऐतिहासिक किलों और महलों, मरुस्थलीय परिदृश्यों, वन्यजीव स्थलों तथा जीवंत लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। इस प्रस्तुति ने भारत के नए पर्यटन अनुभवों की तलाश कर रहे विदेशी प्रतिनिधियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

मेले के दौरान राजस्थान पर्यटन अधिकारियों ने जर्मनी सहित यूरोप के प्रमुख टूर ऑपरेटरों, ट्रेवल एजेंटों और पर्यटन कंपनियों के साथ कई दौर की बैठकें कीं। इन चर्चाओं में यूरोपीय बाजार में राजस्थान की उपस्थिति को मजबूत करने और नए सहयोग अवसरों की संभावनाओं पर विचार किया गया।

राजस्थान मंडप पर आयोजित रोड शो भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें लगभग 35 ट्रेवल ब्लॉगर्स और डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्हें राज्य के विविध पर्यटन आयामों, विरासत पर्यटन, मरुस्थलीय साहसिक अनुभव, सांस्कृतिक उत्सव और वन्यजीव पर्यटन, से परिचित कराया गया।

मंडप पर आयोजित राजस्थान क्विज़ ने भी आगंतुकों में उत्साह जगाया। प्रतिभागियों को पारंपरिक राजस्थानी स्मृति-चिह्न भेंट किए गए, वहीं मेहमानों को भारतीय व्यंजनों के हल्के नाश्ते परोसे गए, जिससे उन्हें राजस्थान की मेहमान नवाज़ी की झलक मिली।

यूरोपीय टूर ऑपरेटरों से बातचीत के दौरान पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ ने राजस्थान और जर्मनी के किलों के स्थापत्य में दिखाई देने वाली दिलचस्प समानताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भौगोलिक परिस्थितियाँ भिन्न होने के बावजूद दोनों क्षेत्रों में ऊँचे स्थलों पर किलों के निर्माण और उनकी रक्षा संरचनाओं में कई ऐतिहासिक समानताएँ दिखाई देती हैं।

इससे पहले राजस्थान मंडप का उद्घाटन भारत के केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जर्मनी में भारत के राजदूत अजीत विनायक गुप्ते की उपस्थिति में किया।

तीन दिन तक चले इस आयोजन में राजस्थान प्रतिनिधिमंडल ने कई बी-टू-बी बैठकों और नेटवर्किंग सत्रों में भाग लेकर राज्य के विरासत पर्यटन सर्किट, सांस्कृतिक उत्सवों और अनुभव आधारित पर्यटन उत्पादों की जानकारी अंतरराष्ट्रीय ट्रेवल कंपनियों को दी।

पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार यूरोप लंबे समय से राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण विदेशी पर्यटन स्रोत रहा है। जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन से आने वाले पर्यटक राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक अनुभवों में विशेष रुचि दिखाते हैं।

आईटीबी बर्लिन में राजस्थान की भागीदारी को यूरोपीय पर्यटन बाजार के साथ राज्य के संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद है कि इस मंच पर बने नए संपर्क आने वाले समय में यूरोप से पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में सहायक होंगे।

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