जो रूट का ऐतिहासिक शतक, पोंटिंग की बराबरी कर रचा इतिहास

चिरौरी न्यूज
सिडनी: इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने सोमवार को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में खेले जा रहे पांचवें और अंतिम टेस्ट मैच के दौरान शानदार शतक जड़ते हुए ऑस्ट्रेलिया में अपने यादगार एशेज प्रदर्शन को और खास बना दिया। यह मौजूदा सीरीज में रूट का दूसरा शतक है और उनके टेस्ट करियर का 41वां शतक भी।
146 गेंदों में पूरा हुआ यह शतक रूट को टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक शतकों की ऑल-टाइम सूची में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज रिकी पोंटिंग के बराबर ले आया। अब रूट और पोंटिंग दोनों के नाम 41-41 टेस्ट शतक दर्ज हैं, जबकि इस सूची में केवल सचिन तेंदुलकर और जैक्स कैलिस उनसे आगे हैं।
रूट ने माइकल नेसर की गेंद पर दो रन लेकर अपना शतक पूरा किया। यह पारी धैर्य, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन मिश्रण रही। दूसरे दिन उन्होंने 72 रन से आगे खेलते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ दबदबा बनाए रखा और इंग्लैंड को 272 रन पर पांच विकेट तक पहुंचाया। इस दौरान उन्होंने 11 चौके लगाए और मिशेल स्टार्क, स्कॉट बोलैंड, कैमरन ग्रीन व माइकल नेसर जैसे गेंदबाजों का मजबूती से सामना किया।
यह शतक ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में रूट के बदले हुए रिकॉर्ड का भी प्रतीक है। इस दौरे से पहले तक रूट ऑस्ट्रेलिया में कोई भी अंतरराष्ट्रीय शतक नहीं बना पाए थे। यह सिलसिला ब्रिस्बेन के डे-नाइट टेस्ट में नाबाद 138 रन की पारी के साथ टूटा था, जबकि सिडनी में यह उनका पहला रेड-बॉल टेस्ट शतक रहा।
41 शतकों के साथ रूट ने यह उपलब्धि अपने 163वें टेस्ट में हासिल की, जबकि रिकी पोंटिंग ने 168 टेस्ट मैचों में 41 शतक पूरे किए थे। रूट ने दिसंबर 2012 में भारत के खिलाफ नागपुर में टेस्ट डेब्यू किया था। खास बात यह भी रही कि यह 2026 कैलेंडर वर्ष का पहला अंतरराष्ट्रीय शतक है।
टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक (टॉप-5)
- सचिन तेंदुलकर – 200 मैचों में 51 शतक
- जैक्स कैलिस – 166 मैचों में 45 शतक
- रिकी पोंटिंग – 168 मैचों में 41 शतक
- जो रूट – 163 मैचों में 41 शतक
- कुमार संगकारा – 134 मैचों में 38 शतक
रूट की इस पारी की नींव मजबूत साझेदारियों पर टिकी रही। उन्होंने पहले हैरी ब्रूक के साथ 169 रन की अहम साझेदारी की, जो पहले दिन के अंत से दूसरे दिन की शुरुआत तक चली। इसके बाद जेमी स्मिथ के साथ 94 रन जोड़कर ऑस्ट्रेलियाई टीम को और दबाव में डाला।
लंच ब्रेक तक रूट 138 रन बनाकर नाबाद थे और विल जैक्स के साथ क्रीज पर मौजूद थे। दूसरे दिन लंच तक इंग्लैंड का स्कोर छह विकेट पर 336 रन हो चुका था, जिसमें रूट की पारी सबसे बड़ी मजबूती बनकर उभरी।
