जमीन-के-बदले-नौकरी घोटाला: लालू यादव और परिवार पर भ्रष्टाचार व आपराधिक साजिश के आरोप तय

Land-for-jobs scam: Lalu Yadav and his family charged with corruption and criminal conspiracy
(File Photo/Twitter)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: दिल्ली की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को आरजेडी प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव तथा उनके परिवार के खिलाफ रेलवे जमीन-के-बदले-नौकरी घोटाले में भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय कर दिए। अदालत ने कहा कि लालू यादव और उनके परिवार ने एक “आपराधिक उद्यम (क्रिमिनल एंटरप्राइज)” की तरह काम किया।

सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आरोप तय करते हुए कहा कि अदालत को “उचित संदेह के आधार पर” लालू यादव और उनके परिवार द्वारा व्यापक साजिश के संकेत मिले हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लालू यादव और उनके परिवार की ओर से दायर की गई बरी किए जाने (एक्विटल) की याचिका टिकाऊ नहीं है।

अदालत ने सीबीआई की चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए कहा कि इस मामले में लालू यादव के करीबी सहयोगियों को सह-आरोपी और सह-साजिशकर्ता के रूप में पहचाना गया है। कोर्ट के मुताबिक, लालू यादव और उनके परिवार ने सार्वजनिक नौकरियों का इस्तेमाल दबाव और लाभ के तौर पर करते हुए संपत्तियां हासिल कीं, जो उनके आधिकारिक पद से इतर एक संगठित साजिश का हिस्सा था।

46 आरोपियों पर आरोप तय

अदालत ने कहा कि मामले में जीवित बचे 98 आरोपियों में से 46 के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे, जिनमें लालू यादव और उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। वहीं, चार्जशीट में पर्याप्त सबूत न होने के कारण 52 आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया गया।

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट दोनों ही लालू यादव की उस याचिका को खारिज कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने इस मामले की सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की थी।

क्या है जमीन-के-बदले-नौकरी घोटाला

सीबीआई के अनुसार, यह मामला लालू यादव के 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए का है। आरोप है कि इस दौरान रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियां देने के बदले नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों या उनके परिजनों से पटना और अन्य स्थानों पर जमीन के टुकड़े बेहद कम कीमत पर लालू यादव के परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम ट्रांसफर कराए गए।

जांच एजेंसी का आरोप है कि इन भर्तियों में किसी भी तरह की उचित भर्ती प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और जमीन के बदले नौकरियां दी गईं।

हालांकि, लालू यादव और उनके परिवार ने इन सभी आरोपों से इनकार करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।

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