लिंक्डइन टैलेंट इनसाइट्स का खुलासा : केरल की प्रतिभा पूल में 172% की वृद्धि
चिरौरी न्यूज
तिरुवनंतपुरम: केरल का श्रमबल तेज़ी से बढ़ रहा है और बदल भी रहा है। लिंक्डइन टैलेंट इनसाइट्स की नई रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में राज्य की पेशेवर प्रतिभा पूल (टैलेंट पूल) में 172% की वृद्धि हुई है। यह रिपोर्ट स्किल केरल ग्लोबल समिट में कोच्चि में जारी की गई।
रिपोर्ट के निष्कर्षों के मुताबिक, यह वृद्धि केरल को भारतीय राज्यों की सूची में 9वें स्थान पर लाती है, जहां लगभग 40% श्रमबल (वर्कफोर्स) कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर और कोझिकोड जैसे शहरों में केंद्रित है। राज्य में सबसे आम पेशेवर भूमिकाएँ सॉफ़्टवेयर इंजीनियर, अकाउंटेंट और शिक्षक हैं, जो केरल की अर्थव्यवस्था में तकनीक, वित्त और शिक्षा की मज़बूत नींव को दर्शाती हैं।
रिपोर्ट की एक बड़ी खासियत है विदेशों से लौटने वाले कुशल पेशेवरों का उल्लेख, विशेषकर खाड़ी क्षेत्र से। लगभग 52% लौटने वाले पेशेवर यूएई से आए, जो बिज़नेस ऑपरेशन, वित्त और उद्यमिता का अनुभव लेकर लौटे हैं। वहीं, क्षेत्रीय पलायन—खासतौर पर कर्नाटक से आने वाले लोग—ने केरल के इनोवेशन और टेक्नोलॉजी टैलेंट पूल को मज़बूत किया है, जिसमें प्रोडक्ट मैनेजमेंट, रिसर्च और शिक्षा के क्षेत्र में वृद्धि देखी जा रही है।
केरल के मुख्यमंत्री श्री पिनराई विजयन ने कहा कि राज्य एक ज्ञान-आधारित नवोन्मेषी समाज बनने के मिशन पर काम कर रहा है और डिजिटल साक्षरता एवं समग्र प्रगति के नए युग की ओर अग्रसर है। वित्त मंत्री श्री के.एन. बालगोपाल ने इस टैलेंट रिपोर्ट को आर्थिक रोडमैप बताया जो राज्य की मानव पूंजी की झलक पेश करता है।
लिंक्डइन इंडिया के प्रमुख श्री कुमारेश पट्टाभिरामन ने कौशल विकास में केरल सरकार के साथ सहयोग पर खुशी जताई और आशा व्यक्त की कि यह रिपोर्ट राज्य को कुशल और प्रतिस्पर्धी श्रमबल तैयार करने के मिशन में आगे बढ़ने में मदद करेगी।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि बायोटेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन और एडवांस्ड एनालिटिक्स में अभी भी अछूता संभावित अवसर है। एक और सकारात्मक पहलू है लैंगिक प्रतिनिधित्व—महिलाएँ केरल के श्रमबल का 37% हिस्सा हैं, जो राष्ट्रीय औसत (30%) से कहीं अधिक है। इसके अलावा, मिड- से सीनियर-लेवल पेशेवरों की संख्या सबसे बड़ी है, जो राज्य की वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयारियों को दर्शाता है।
