मॉरिन्हो का रेफरी पर हमला, डर्बी हार के बाद उठाए दो रेड कार्ड पर सवाल

Mourinho lashes out at referee; questions two red cards after derby defeat.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: मैड्रिड डर्बी में रियल मैड्रिड की एटलेटिको मैड्रिड के हाथों 2-1 से हार के बाद कोच जोस मॉरिन्हो का गुस्सा रेफरी के फैसलों पर फूटा। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मॉरिन्हो हाथ में एक कागज लेकर पहुंचे, जिस पर पहले हाफ की दो चुनौतियों की तस्वीरें थीं। उन्होंने इन्हीं तस्वीरों को मैच की पूरी कहानी बताते हुए कहा कि एटलेटिको के दो खिलाड़ियों को सीधे रेड कार्ड मिलना चाहिए था।

मॉरिन्हो ने क्रिस्टियन रोमेरो पर जुड बेलिंगहम को स्टांप करने और ली कांग-इन पर फेडेरिको वाल्वेर्दे के खिलाफ चुनौती के लिए कार्रवाई नहीं किए जाने पर सवाल उठाया। उनका तर्क था कि अगर दोनों खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिया जाता तो रियल मैड्रिड को करीब 50 मिनट तक नौ खिलाड़ियों वाली एटलेटिको टीम के खिलाफ 11 खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलता।

हालांकि, मैच का निर्णायक मोड़ दूसरे हाफ की शुरुआत में आया। पांच मिनट बाद रियल मैड्रिड के डिफेंडर डीन हुइजेन को आखिरी डिफेंडर के रूप में जूलियानो सिमेओने को गिराने के लिए मैदान से बाहर भेज दिया गया। अलेजांद्रो ग्रिमाल्डो ने पेनल्टी को गोल में बदलकर एटलेटिको को बढ़त दिलाई। छह मिनट बाद जोनाथन डेविड ने दूसरा गोल कर बढ़त 2-0 कर दी। अंत में एंटोनियो रुडिगर ने हेडर से रियल को वापसी की उम्मीद दिलाई, लेकिन एटलेटिको ने बढ़त बरकरार रखी।

हार के बावजूद मॉरिन्हो ने अपने खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम ने खासकर पहले हाफ में शानदार गुणवत्ता और जुझारूपन दिखाया और 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने के बावजूद अंत तक मुकाबला करने की कोशिश की।

इसके बाद मॉरिन्हो ने रेफरी नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने 41 वर्षीय रेफरी मिगुएल एंजेल ऑर्टिज एरियास के पास अंतरराष्ट्रीय दर्जा नहीं होने का जिक्र किया और कहा कि मैच का माहौल रेफरी के लिए बेहद दबाव वाला था। मॉरिन्हो ने स्टेडियम के माहौल की तुलना स्पेनिश फुटबॉल के 1980 के दशक के दबाव से भी की।

उन्होंने VAR अधिकारी डेनियल जीसस त्रुजिलो की भूमिका पर भी सवाल उठाया। मॉरिन्हो ने पूछा कि एक घटना में VAR ने हस्तक्षेप क्यों किया, जबकि दूसरी घटना में ऐसा क्यों नहीं किया गया।

दिलचस्प बात यह रही कि हुइजेन के रेड कार्ड पर मॉरिन्हो ने खुद अंतिम फैसला देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने घटना का रिप्ले अपने आईपैड पर नहीं देखा है और वह यह तय नहीं कर सकते कि फाउल पेनल्टी एरिया के अंदर हुआ था या बाहर। रियल मैड्रिड की हार के बाद टीम बार्सिलोना से छह अंक पीछे रह गई है। हालांकि, मॉरिन्हो ने कहा कि खिताबी दौड़ अभी खत्म नहीं हुई है और उनकी टीम को सिर्फ निष्पक्ष परिस्थितियों में मुकाबला करने का मौका चाहिए। मॉरिन्हो ने यह भी स्पष्ट किया कि वह यह नहीं कहना चाहते कि रेफरी के फैसले जानबूझकर किए गए थे। उन्होंने कहा कि वह मानना चाहते हैं कि ये सिर्फ गलतियां थीं।

एटलेटिको के कोच डिएगो सिमेओने से जब मॉरिन्हो की टिप्पणियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सीधे रेफरिंग विवाद में उतरने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि चाहे वह खुद हों, मॉरिन्हो, हांसी फ्लिक या मैनुएल पेलेग्रिनी, सभी को सार्वजनिक रूप से बोलते समय सावधानी बरतनी चाहिए और सम्मान की सीमा पार नहीं करनी चाहिए। इस जीत के साथ एटलेटिको के 16 अंक हो गए हैं। टीम बार्सिलोना से पांच अंक पीछे है, जबकि रियल मैड्रिड और रियल बेटिस से एक अंक आगे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *