मुंबई/नासिक: टीसीएस नासिक मामले में फरार आरोपी निदा खान गर्भवती, SIT जांच तेज

Mumbai/Nashik: Absconding Accused Nida Khan Pregnant in TCS Nashik Case; SIT Investigation Intensifies
(Pic: AI Generated)

चिरौरी न्यूज

मुंबई: नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के बीपीओ यूनिट में कथित जबरन धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के मामले में फरार आरोपी निदा खान इस समय मुंबई में बताई जा रही हैं और वह अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही हैं। यह जानकारी उनके परिवार की ओर से सामने आई है।

25 वर्षीय निदा खान, जो 2021 में टीसीएस के नासिक बीपीओ यूनिट में शामिल हुई थीं, ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नासिक की एक स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है। माना जा रहा है कि उन्होंने अपनी गर्भावस्था को जमानत याचिका में एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में पेश किया है। वहीं, पुलिस इन दावों की आधिकारिक मेडिकल जांच के जरिए पुष्टि करने की तैयारी में है।

इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) लगातार आरोपियों की तलाश में जुटा हुआ है। पुलिस अब तक इस मामले में सात कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला एचआर हेड शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, नासिक कार्यालय में फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़ी कुल नौ शिकायतें दर्ज की गई हैं। आठ महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनके वरिष्ठ सहकर्मियों ने मानसिक और यौन उत्पीड़न किया, जबकि मानव संसाधन विभाग ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया।

जांच में सामने आया है कि एक आरोपी ने शादी का झूठा वादा कर एक कर्मचारी के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा, अन्य आरोपियों पर अशोभनीय टिप्पणियां करने और अनुचित व्यवहार करने के भी आरोप हैं। पुलिस का यह भी कहना है कि एक पुरुष कर्मचारी को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया और उसके धर्म का अपमान किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और एचआर हेड अश्विनी चैनानी के रूप में हुई है। सभी को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने कहा है कि कंपनी की नीति किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की है। कंपनी ने यह भी बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही त्वरित कार्रवाई की गई और संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।

वहीं, एन.चंद्रशेखरन ने इस घटना को “बेहद गंभीर और चिंताजनक” बताया है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए गहन जांच जारी है, जिसका नेतृत्व टीसीएस की मुख्य परिचालन अधिकारी अराठी सुब्रमणियन कर रही हैं।

पुलिस और कंपनी दोनों ही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई में जुटे हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *