निर्मला सीतारमण और सहयोगी जेडीयू ने राहुल गांधी को बहस पर दिया करारा जवाब
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राहुल गांधी को दी गई बहस की चुनौती को पार्टी के साथियों और सहयोगियों का भरपूर समर्थन मिला है, जो कांग्रेस नेता पर दबाव बना रहे हैं। आज, शाह की कैबिनेट सहयोगी निर्मला सीतारमण और सहयोगी दल जनता दल (यूनाइटेड) ने गांधी पर तीखे कटाक्ष किए।
हालांकि, गांधी ने इन बातों को नजरअंदाज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत बहस के लिए अपनी चुनौती दोहराई और कहा कि उनकी पिछली चुनौती को दिए हुए 24 घंटे बीत चुके हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने एक तीखी पोस्ट में लिखा, “राहुल जी, आप प्रधानमंत्री से बहस के लिए जगह चुनने को कहते हैं। एक जगह तो पहले से ही मौजूद है: संसद, जहां आप विपक्ष के नेता (LoP) हैं। कल ही, गृह मंत्री श्री @AmitShah ने SIR और EVM पर बहस के लिए संसद का एक विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव दिया था। आप सोशल मीडिया पर चुनौती देते समय जो उत्साह दिखाते हैं, वही उत्साह संसद में बहस के लिए क्यों नहीं दिखाते? जब आप जवाब मांगते हैं, तो उन्हें सुनने की जिम्मेदारी भी आपकी ही बनती है।”
सीतारमण ने आगे कहा, “आप लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के बारे में बहुत बातें करते हैं। लेकिन यह सम्मान उन संस्थाओं के प्रति आपके व्यवहार में भी दिखना चाहिए, जिन्हें संविधान के तहत स्थापित किया गया है… आप कहते हैं, ‘डरो मत।’ तो फिर तथ्य सामने लाएं, जांच का सामना करें और जवाब सुनने के लिए वहां रुकें। सदन में बहस के उन मानकों का पालन करें, जिनकी आप दूसरों से उम्मीद करते हैं।”
जेडी(यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि अगर राहुल गांधी को संसदीय लोकतंत्र में भरोसा है, तो उन्हें उन सभी मुद्दों को संसद में उठाना चाहिए जिन पर वह चर्चा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “अगर राहुल गांधी को संसदीय लोकतंत्र में थोड़ा भी भरोसा है, तो उन्हें अमित शाह की चुनौती स्वीकार कर लेनी चाहिए।”
अमित शाह ने कल गांधी को बहस की चुनौती दी थी और कहा था कि सरकार इस मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है।
बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान उन्होंने कहा था, “वे (राहुल गांधी) हाथ में संविधान तो रखते हैं, लेकिन उसका सम्मान नहीं करते। राहुल जी, आप संसद को चलने ही नहीं देते। चाहे EVM का मुद्दा हो, SIR का हो या घुसपैठियों का – मैं आपको हैदराबाद से चुनौती देता हूं। हम संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार हैं। आइए, बहस कीजिए।”
इस बीच, गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी को बहस की चुनौती दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर उन्होंने लिखा: “कोई भी मंच या जगह चुन लें और मुझसे इस बात पर बहस करें – देशद्रोही कौन है? विदेशी ताकतों से किसके संबंध हैं? और उन संबंधों की प्रकृति क्या है? आइए, जल्द से जल्द ऐसा करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हम दोनों वहां होंगे। मीडिया वहां होगा। देश के युवा वहां होंगे। एक मेज होगी। आप एक तरफ बैठेंगे, मैं दूसरी तरफ बैठूंगा। आप जिसे चाहें जज बना सकते हैं। आप चाहें तो मोहन भागवत जी को भी जज बना सकते हैं।”
