निर्मला सीतारमण ने कहा: वित्तीय क्षेत्र में लंबित राशि सही मालिकों को शीघ्र लौटाई जाए, जिला स्तर पर विशेष शिविर लगाने के निर्देश

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (FSDC) की 29वीं बैठक में कहा कि वित्तीय क्षेत्र में वर्षों से लंबित अप्राप्त राशि को उसके वास्तविक हकदारों को शीघ्रता से लौटाया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने सभी नियामकों और विभागों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बैंकों में जमा राशि, डिविडेंड, शेयर, पोस्ट ऑफिस खातों, बीमा और पेंशन फंड जैसे क्षेत्रों में फंसी अप्राप्त संपत्तियों को वापस लौटाने के लिए जिला स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जाए।
FSDC की बैठक में वित्त मंत्री ने क्या कहा?
वित्त मंत्री ने कहा, “इस अभियान को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI), कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय (MCA), पेंशन नियामक प्राधिकरण (PFRDA), बीमा नियामक प्राधिकरण (IRDAI) के साथ मिलकर, बैंक, पेंशन एजेंसियां और बीमा कंपनियों की भागीदारी में चलाया जाएगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि:
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बैंकों में अप्राप्त जमा राशि बैंकों के पास है,
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शेयर और डिविडेंड की राशि निवेशक शिक्षा और संरक्षण निधि प्राधिकरण (IEPFA) के पास है,
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बीमा और पेंशन से जुड़ी राशि IRDAI और PFRDA द्वारा प्रबंधित की जा रही है।
KYC प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाने पर ज़ोर
सीतारमण ने वित्तीय क्षेत्र में ग्राहकों के लिए KYC (नो योर कस्टमर) प्रक्रिया को और अधिक सुगम, एकीकृत और डिजिटल बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी नियामकों को मिलकर सामान्य KYC मानदंड तय करने चाहिए, ताकि देश और विदेश, खासकर एनआरआई, पीआईओ और ओसीआई नागरिकों के लिए भी डिजिटल ऑनबोर्डिंग आसान हो सके।
साइबर सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता पर चर्चा
बैठक में वित्तीय क्षेत्र के साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत बनाने पर भी गहन चर्चा हुई। यह चर्चा वित्तीय क्षेत्र मूल्यांकन कार्यक्रम (FSAP) 2024-25 की सिफारिशों, मौजूदा नियमों और विभिन्न क्षेत्रों की तैयारियों के आधार पर की गई।
परिषद ने यह भी माना कि वैश्विक और घरेलू वित्तीय स्थितियों में आए नए रुझानों को देखते हुए वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।
विनियामकों के बीच समन्वय बढ़ाने पर सहमति
FSDC ने सभी नियामक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया और निर्णय लिया कि वित्तीय क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए अंतर-विनियामक समन्वय को और मजबूत किया जाएगा।
इन प्रमुख अधिकारियों ने लिया भाग:
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राज्य मंत्री (वित्त) पंकज चौधरी
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रिजर्व बैंक गवर्नर संजय मल्होत्रा
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SEBI प्रमुख तुहिनकांत पांडे
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वित्त सचिव अजय सेठ
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वित्तीय सेवा विभाग के सचिव नागराजू मड्डिराला
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IRDAI व वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि सरकार वित्तीय प्रणाली की पारदर्शिता, ग्राहकों की सुविधा और साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। अप्राप्त धनराशि के रिफंड अभियान और KYC प्रक्रिया में सुधार इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।