पाकिस्तान क्रिकेट: साइबर क्राइम जांच के कारण मोहम्मद रिज़वान को सार्वजनिक रूप से बोलने से रोका गया
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पाकिस्तान में सीनियर बल्लेबाज़ मोहम्मद रिज़वान और इमाम-उल-हक के ख़िलाफ़ चल रही जांच में एक नया मोड़ आया है। खबरों के मुताबिक, मोहसिन नक़वी की अगुवाई वाले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने रिज़वान को इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी बोलने से रोक दिया है। रिज़वान और इमाम उन सात खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्हें PCB ने हाल ही में इंग्लैंड दौरे से वापस घर भेज दिया था। इसके बाद पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) ने भ्रष्टाचार और ‘ऑनलाइन जुए’ की संभावना को लेकर दोनों की जांच की। उनसे दो घंटे तक पूछताछ की गई और PCB की सिक्योरिटी टीम ने उनके मोबाइल फ़ोन ज़ब्त कर लिए।
पाकिस्तान के जियो न्यूज़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रिज़वान ने PCB की जांच और पूछताछ के बारे में सार्वजनिक रूप से बात करने के लिए दो बार इजाज़त मांगी, लेकिन बोर्ड ने उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी। खबरों के अनुसार, रिज़वान इस पूरे विवाद पर सार्वजनिक रूप से सफ़ाई देना चाहते थे और अपने ऊपर लगे आरोपों के बारे में बताना चाहते थे। 34 साल के इस बल्लेबाज़ ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की एंटी-करप्शन यूनिट को भी एक चिट्ठी लिखकर प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी थी और वे इस चिट्ठी के पीछे की वजह भी सार्वजनिक रूप से बताना चाहते थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, रिज़वान ने अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के तहत PCB से दो बार इजाज़त मांगी थी। सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के क्लॉज़ 4.1 के तहत, किसी खिलाड़ी को एग्रीमेंट में शामिल मामलों के बारे में सार्वजनिक बयान देने से पहले इजाज़त लेनी होती है।
PCB ने उनकी दोनों ही रिक्वेस्ट ठुकरा दीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रिज़वान का मकसद PCB पर आरोप लगाना नहीं था, बल्कि वे बस जनता के सामने अपनी बात रखना चाहते थे। हाल ही में पाकिस्तान की मीडिया में आई खबरों में दावा किया गया कि रिज़वान का मोबाइल फ़ोन उन्हें वापस नहीं किया गया है। ऑनलाइन जुए और सट्टेबाज़ी के आरोपों के बीच PCB की सिक्योरिटी टीम ने रिज़वान और इमाम के फ़ोन पर हुए ट्रांज़ैक्शन की बारीकी से जांच की थी। सीनियर बल्लेबाज़ ने NCCIA को भी जवाब दिया था और जांच व आरोपों के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी थी।
