पंजाब में 2027 चुनाव की तैयारी तेज, आम आदमी पार्टी लुधियाना से शुरू करेगी अभियान

चिरौरी न्यूज
चंडीगढ़: पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी की ओर से राज्य में नशे के खिलाफ यात्रा शुरू किए जाने के एक दिन बाद आम आदमी पार्टी (AAP) शनिवार को लुधियाना से अपने 2027 विधानसभा चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत करने जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान लुधियाना में पार्टी के चुनावी अभियान का पर्चा जारी करेंगे। AAP नेता मनीष सिसोदिया ने बताया कि यह कार्यक्रम आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के राज्यव्यापी राजनीतिक अभियान की शुरुआत का संकेत होगा।
सरकारी कर्मचारियों पर फोकस
AAP के चुनावी अभियान की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले मान सरकार ने करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 8 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
सरकार का यह फैसला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी पंजाब में एक बड़ा और प्रभावशाली मतदाता वर्ग हैं। सरकार ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ हर महीने अनिवार्य बैठकें करने की भी घोषणा की है।
पिछले कुछ समय में कर्मचारियों की लंबित मांगों और विरोध प्रदर्शनों को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव रहा है। ऐसे में AAP अब हालिया DA बढ़ोतरी और कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ संवाद को सरकार के कामकाज और उपलब्धियों के तौर पर पेश करने की कोशिश करेगी।
AAP के अभियान की शुरुआत ऐसे समय हो रही है जब बीजेपी ने पंजाब में नशे की समस्या को अपने शुरुआती चुनावी अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाने की कोशिश की है।
इसके जवाब में AAP सरकार के कामकाज, कर्मचारियों तक पहुंच और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर देती नजर आ रही है। पार्टी का अभियान केवल सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी व्यापक संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
20 सितंबर से घर-घर पहुंचेगी AAP
AAP ने 20 सितंबर से पंजाब में राज्यव्यापी डोर-टू-डोर अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। पार्टी के अनुसार, करीब 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और मान सरकार के कामकाज के बारे में जानकारी देंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद अपने विधानसभा क्षेत्र धुरी में इस अभियान का नेतृत्व करेंगे।
इसी दौरान पार्टी की सदस्यता अभियान भी शुरू करने की योजना है। इससे संकेत मिलता है कि AAP चुनावी तैयारियों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है।
बीजेपी के नशे के मुद्दे पर अभियान और AAP के चुनावी संगठन को सक्रिय करने के फैसले के साथ पंजाब की 2027 की चुनावी राजनीति अब शुरुआती राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर जमीनी स्तर की लामबंदी की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है।
एक ओर बीजेपी नशे की समस्या को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं AAP सरकार के कामकाज, सरकारी कर्मचारियों के लिए हालिया फैसलों और बूथ स्तर के संगठन को अपनी चुनावी रणनीति का आधार बना रही है।
