प्रधानमंत्री मोदी ने नए PMO, ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया

Prime Minister Modi inaugurates new PMO, 'Seva Teerth'चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारत की प्रशासनिक व्यवस्था में आज एक ऐतिहासिक बदलाव दर्ज हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सेवा तीर्थ’ नामक नए एकीकृत परिसर का उद्घाटन किया। यह परिसर अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नया मुख्यालय होगा। स्वतंत्रता के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय का स्थानांतरण किया गया है, जिसे सरकार ने प्रशासनिक शासन व्यवस्था में “परिवर्तनकारी मील का पत्थर” बताया है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 100 रुपये का एक स्मारक सिक्का भी जारी किया। दोपहर लगभग 2 बजे ‘सेवा तीर्थ’ नाम का अनावरण करने के बाद उन्होंने सेवा तीर्थ तथा कर्तव्य भवन-1 और 2 का औपचारिक उद्घाटन किया।

खंडित व्यवस्था का अंत

कई दशकों से विभिन्न मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग और पुराने भवनों में संचालित हो रहे थे, जिससे समन्वय में कमी, लॉजिस्टिक समस्याएं और रखरखाव लागत में वृद्धि जैसी चुनौतियां सामने आती थीं। नए परिसर का उद्देश्य इन सभी विभागों को आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बुनियादी ढांचे में एक साथ लाकर बेहतर तालमेल और तेज निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।

एक ही छत के नीचे प्रमुख कार्यालय

  • सेवा तीर्थ परिसर में तीन प्रमुख संस्थान एक साथ कार्य करेंगे—
  • प्रधानमंत्री कार्यालय (Seva Teerth-1)
  • राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (Seva Teerth-2)
  • कैबिनेट सचिवालय (Seva Teerth-3)

पहले ये सभी अलग-अलग स्थानों से संचालित होते थे। इनके एक ही परिसर में आने से उच्च स्तर पर रणनीतिक समन्वय और मजबूत होने की उम्मीद है।

कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कॉर्पोरेट कार्य, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक तथा जनजातीय कार्य जैसे प्रमुख मंत्रालयों को स्थान दिया गया है।

डिजिटल और नागरिक-केंद्रित ढांचा

नए परिसर में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, सुव्यवस्थित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्नत डिजिटल बुनियादी ढांचा ई-गवर्नेंस और पारदर्शी प्रशासन को बढ़ावा देगा।

परिसर को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुसार बनाया गया है। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली, जल संरक्षण उपाय, कचरा प्रबंधन और ऊर्जा दक्ष डिजाइन को शामिल किया गया है, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा।

सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, एकीकृत निगरानी प्रणाली और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की व्यवस्था की गई है, जिससे सुरक्षा और सुगमता दोनों सुनिश्चित हों।

पुराने पीएमओ भवन का क्या होगा?

प्रधानमंत्री कार्यालय के स्थानांतरण के बाद, साउथ और नॉर्थ ब्लॉक को ‘युगे युगेन भारत संग्रहालय’ में परिवर्तित किया जाएगा।

इसके लिए 19 दिसंबर 2024 को फ्रांस की France’s Museum Development Agency के साथ तकनीकी सहयोग का समझौता भी किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक, समन्वित और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन है, जो भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शासन प्रणाली को सुदृढ़ करेगा।

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