प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार दोपहर अहमदाबाद पहुंचे और सीधे हवाई दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद वह अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों और डॉक्टरों से बातचीत की। इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु और केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल भी उनके साथ मौजूद रहे।
यह दुर्घटना एयर इंडिया की बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान (फ्लाइट AI-171) के गुरुवार को अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद हुई, जब विमान बी.जे. मेडिकल कॉलेज के पास एक रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कुल 242 लोग सवार थे — 230 यात्री, 10 क्रू सदस्य और 2 पायलट।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, हादसे में केवल एक व्यक्ति — सीट नंबर 11A पर बैठे ब्रिटेन निवासी भारतीय मूल के यात्री — जीवित बच पाए हैं और वर्तमान में एक स्थानीय अस्पताल में इलाजरत हैं।
प्रधानमंत्री मोदी, जो एक समय में 12 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे हैं, ने गुरुवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लिखा, “अहमदाबाद की त्रासदी ने हमें स्तब्ध और दुखी कर दिया है। यह बेहद पीड़ादायक है। इस दुखद घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ितों के साथ हैं।”
सरकार ने इस भीषण हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने जानकारी दी कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही एक उच्च स्तरीय समिति का गठन भी किया गया है, जो बहुविषयक विशेषज्ञों के साथ मिलकर हादसे के कारणों का विश्लेषण करेगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सिफारिशें देगी।
AAIB, जो नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत कार्य करता है, अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों के अनुरूप गंभीर हवाई हादसों की जांच करता है।
बताया जा रहा है कि दुर्घटना से पहले विमान ने आपातकालीन संदेश भेजा था। जांच एजेंसियां अब ब्लैक बॉक्स — यानी कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर — के जरिए हादसे के अंतिम क्षणों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
यह हादसा भारत के विमानन इतिहास की सबसे भीषण दुर्घटनाओं में से एक बताया जा रहा है।