प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 79वें स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक भाषण: ‘विकसित भारत 2047’ का रोडमैप पेश
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: लाल किले की प्राचीर से अपने 12वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जिसमें तकनीकी आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा की झलक थी। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, प्रधानमंत्री ने कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं जो देश के भविष्य की दिशा को परिभाषित करेंगी।
सेमीकंडक्टर मिशन: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि भारत की पहली ‘मेड-इन-इंडिया’ सेमीकंडक्टर चिप इसी साल के अंत तक तैयार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशकों में कई प्रयास विफल रहे, लेकिन अब देश इस रणनीतिक उद्योग में वैश्विक दिग्गजों को टक्कर देने के लिए तैयार है। इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता न केवल तकनीकी सशक्तिकरण का प्रतीक होगी, बल्कि डिजिटल इंडिया के विज़न को भी मजबूती देगी।
परमाणु ऊर्जा में क्रांति: 10 गुना विस्तार का लक्ष्य
मोदी ने बताया कि देश में इस समय 10 नए परमाणु रिएक्टर निर्माणाधीन हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को 10 गुना बढ़ाया जाए। यह न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता भी कम करेगा।
दिवाली से पहले जीएसटी सुधार: ‘दिवाली गिफ्ट‘ के रूप में राहत
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि आने वाली दिवाली से पहले अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू किए जाएंगे। इसके तहत आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स कम किया जाएगा और एमएसएमई, रेहड़ी-पटरी वालों और आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। यह छोटे कारोबारियों को राहत देगा और उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा देगा।
₹1 लाख करोड़ का रोजगार अभियान: ‘पीएम विकसित भारत रोजगार योजना‘
मोदी ने नई योजना – पीएम विकसित भारत रोज़गार योजना – की घोषणा की, जिसके तहत हाल ही में नियुक्त युवाओं को ₹15,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह योजना 3 करोड़ युवाओं को लक्षित करती है और यह स्वतंत्र भारत से समृद्ध भारत की यात्रा को गति देगी।
$10 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य: तेज़ी से सुधार लाने वाली टास्क फोर्स
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने एक सुधार टास्क फोर्स का गठन किया है जो नौकरशाही की बाधाओं को हटाकर, नीतिगत निर्णयों को तेज करेगा और भारत को 2047 तक $10 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करेगा।
जनसांख्यिकी मिशन और ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में नए कदम
अवैध प्रवास के चलते उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक हाई पावर्ड डेमोग्राफी मिशन की घोषणा की गई है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने नेशनल डीपवाटर एक्सप्लोरेशन मिशन का भी ऐलान किया, जिसका उद्देश्य महासागर ऊर्जा संसाधनों का दोहन करना है। साथ ही सौर, हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार का खाका भी सामने रखा।
स्वदेशी जेट इंजन निर्माण: वैज्ञानिकों को खुली चुनौती
प्रधानमंत्री ने देश के वैज्ञानिकों को स्वदेशी जेट इंजन डिजाइन और निर्माण की चुनौती दी। उन्होंने इसे राष्ट्रीय गौरव का विषय बताया और कहा कि जैसे भारत ने कोविड वैक्सीन और यूपीआई जैसी उपलब्धियों से दुनिया को चौंकाया, वैसे ही अब एयरोस्पेस क्षेत्र में भी भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन केवल घोषणाओं का पुलिंदा नहीं था, बल्कि यह 21वीं सदी के भारत की नई दिशा का दस्तावेज़ था। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को लेकर उनका आत्मविश्वास, उनकी योजनाओं की गहराई और उनके विज़न की स्पष्टता ने यह साबित किया कि भारत अब विश्व मंच पर अपनी शर्तों पर आगे बढ़ने को तैयार है।