रेलवे ने किया टिकट नियम सख्त, 8 घंटे से कम समय पर कैंसिल करने पर नहीं मिलेगा रिफंड
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने अपनी प्रीमियम ट्रेनों — वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत-II — के लिए टिकट रद्दीकरण और रिफंड नियमों को कड़ा कर दिया है। नए नियमों के तहत यदि कोई यात्री प्रस्थान समय से आठ घंटे के भीतर अपनी कन्फर्म टिकट रद्द करता है, तो उसे कोई भी रिफंड नहीं मिलेगा। यह व्यवस्था सामान्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू रिफंड नियमों से कहीं अधिक सख्त है।
रेल मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह बदलाव अंतिम समय में होने वाली रद्दीकरण प्रवृत्ति को रोकने, सीटों के बेहतर उपयोग और इन उच्च मांग वाली ट्रेनों के संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
नया रद्दीकरण और रिफंड ढांचा
संशोधित नियमों के अनुसार:
- 72 घंटे से अधिक पहले टिकट रद्द करने पर 25 प्रतिशत कटौती की जाएगी।
- 72 घंटे से 8 घंटे पहले रद्दीकरण पर 50 प्रतिशत राशि काटी जाएगी।
- प्रस्थान से 8 घंटे के भीतर टिकट रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
ये नियम सभी श्रेणियों (क्लास) पर समान रूप से लागू होंगे। इससे पहले लंबी दूरी की ट्रेनों में रद्दीकरण शुल्क अपेक्षाकृत कम होता था।
क्यों किए गए बदलाव?
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-II ट्रेनों में हर यात्री को बुकिंग के समय ही कन्फर्म सीट या बर्थ मिलती है। इन ट्रेनों में न तो RAC और न ही वेटिंग लिस्ट की व्यवस्था होती है। ऐसे में अंतिम समय में टिकट रद्द होने से सीटें खाली रह जाती हैं और राजस्व का नुकसान होता है।
नए नियमों से रेलवे को न केवल राजस्व सुरक्षा मिलेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि इन सीमित और मूल्यवान सीटों का अधिकतम उपयोग हो।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे इन प्रीमियम ट्रेनों में टिकट बुक करने से पहले अपनी यात्रा योजना पूरी तरह सुनिश्चित कर लें, क्योंकि प्रस्थान के करीब टिकट रद्द करने पर उन्हें पूरी किराया राशि गंवानी पड़ सकती है।
