घरेलू पर्यटन को नई उड़ान देगा राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट, गोल्डन ट्रायंगल से आगे बढ़ेगा राजस्थान

Rajasthan Domestic Travel Mart to give a new boost to domestic tourism; Rajasthan to expand beyond the Golden Triangle.चिरौरी न्यूज

जयपुर: राजस्थान पर्यटन अब घरेलू पर्यटन के अपने अगले विस्तार की तैयारी में है। जयपुर-जोधपुर-उदयपुर के पारंपरिक पर्यटन गोल्डन ट्रायएंगल से आगे बढ़ते हुए राज्य के छोटे शहरों, कम-ज्ञात गंतव्यों, ग्रामीण अंचलों और नए पर्यटन अनुभवों को देश के बड़े ट्रैवल बाजार से जोड़ने की रणनीति के तहत जयपुर में छठा राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट (आरडीटीएम) और इसके तुरंत बाद जोधपुर में पहला मारवाड़ ट्रैवल मार्ट (एमटीएम) आयोजित किया जाएगा।

इन दोनों आयोजनों के जरिए राजस्थान पर्यटन की मार्केटिंग अब केवल ‘क्या देखें’ तक सीमित न रहकर ‘क्या अनुभव करें’ पर केंद्रित होगी। राजस्थान पर्यटन विभाग और फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान (एफएचटीआर) के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला छठा आरडीटीएम 17 से 19 सितंबर 2026 तक जयपुर के बी.एम. बिड़ला कन्वेंशन सेंटर में होगा। इसके बाद 20 से 22 सितंबर तक जोधपुर में पहला मारवाड़ ट्रैवल मार्ट आयोजित किया जाएगा। दोनों आयोजनों की थीम ‘स्टोरी, जर्नी, स्माइल्स ’ रखी गई है। आरडीटीएम में देशभर के पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के 300 से अधिक हितधारकों के शामिल होने की उम्मीद है, जबकि मारवाड़ ट्रैवल मार्ट में करीब 125 राष्ट्रीय ट्रैवल ट्रेड प्रतिनिधियों की भागीदारी प्रस्तावित है।

जयपुर में आयोजित दोनों मार्ट्स के कर्टेन रेजर में राजस्थान पर्यटन विभाग और एफएचटीआर के बीच आयोजनों को लेकर समझौता ज्ञापन भी हुआ। आयोजन में घरेलू पर्यटन को देशभर के ट्रैवल ट्रेड से जोड़ने और राजस्थान के नए पर्यटन उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की रणनीति सामने रखी गई।

घरेलू पर्यटन को राष्ट्रीय अभियानों से जोड़ने की तैयारी

बदलते वैश्विक पर्यटन परिदृश्य में घरेलू बाजार को राजस्थान पर्यटन की रणनीति में महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है। आरडीटीएम को देश में घरेलू यात्रा संस्कृति को मजबूत करने और ‘देखो अपना देश’ तथा ‘वेडिंग इन इंडिया’ जैसे अभियानों को गति देने वाले मंच के रूप में भी देखा जा रहा है। आयोजन में देश के प्रमुख पर्यटन संगठनों की भागीदारी और सहयोग से राजस्थान के पर्यटन उत्पादों को राष्ट्रीय ट्रैवल ट्रेड नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश होगी।

पर्यटन सचिव शुचि त्यागी ने कहा कि आधुनिक पर्यटक अब केवल पर्यटन स्थलों का भ्रमण नहीं करना चाहता, बल्कि यादगार और गहन अनुभव चाहता है। राजस्थान में निजी क्षेत्र के साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाले इमर्सिव पर्यटन अनुभव विकसित करने की जरूरत है। बेहतर बुनियादी ढांचे और संपर्क सुविधाओं के साथ वन्यजीव, वेलनेस और एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा देने तथा प्रसिद्ध स्थलों के साथ कम-ज्ञात गंतव्यों को भी पर्यटकों की यात्रा योजनाओं में शामिल करने पर काम किया जा रहा है।

इस अवसर पर पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ ने कहा की ऐसे ट्रैवल मार्ट्स घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि जोधपुर के बाद अगला ट्रैवल मार्ट उदयपुर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग और राजस्थान सरकार ट्रैवल मार्ट्स के माध्यम से शेखावाटी की स्थापत्य कला को संरक्षित करने व होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन नीति पर कार्य कर रहे हैं।

पर्यटन आयुक्त ने बताया कि आरडीटीएम में पिछले वर्ष 20 हजार से अधिक बी-टू-बी बैठकें आयोजित हुई थीं, जबकि इस वर्ष 25 हजार से अधिक बैठकों की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार, स्थानीय आजीविका और निवेश से जोड़ने पर जोर दे रही है। उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी के मार्गदर्शन में राजस्थान पर्यटन की मार्केटिंग में स्थापित गंतव्यों के साथ नए पर्यटन उत्पादों और नए क्षेत्रों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने पर फोकस किया जा रहा है।

इस अवसर पर एफएचटीआर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह शाहपुरा ने पर्यटन में मेलों और त्योहारों को यात्रा योजनाओं का हिस्सा बनाने, पोलो विरासत को बढ़ावा देने और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों को पर्यटन मानचित्र पर अधिक प्रभावी ढंग से लाने की जरूरत बताई है। उन्होंने बांदीकुई को ‘रेलवे हेरिटेज सिटी’ के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव का भी उल्लेख किया।

कार्यक्रम में जारा के अध्यक्ष और मारवाड़ ट्रैवल मार्ट के चेयरमैन जे.एम. बूब ने भी मारवाड़ के वन्यजीव, हस्तशिल्प, संस्कृति और लोक संगीत जैसे विशिष्ट आकर्षणों को नए पर्यटन उत्पादों के रूप में सामने रखने की बात कही। एफएचटीआर के सेक्रेटरी जनरल तरुण कुमार बंसल ने बताया कि आरडीटीएम देशभर के ट्रैवल ट्रेड और राजस्थान के पर्यटन हितधारकों के बीच बी2बी संपर्क का मंच बनेगा, जबकि मारवाड़ ट्रैवल मार्ट पश्चिमी राजस्थान के पर्यटन उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर केंद्रित रहेगा।

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