चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में 11 की मौत पर RCB ने जताया शोक: ‘जानकारी मिलते ही कार्यक्रम में किया गया बदलाव’
चिरौरी न्यूज
बेंगलुरु: आईपीएल 2025 की विजेता बनी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम का जश्न बुधवार को उस वक्त त्रासदी में बदल गया, जब एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 33 अन्य घायल हो गए।
यह हादसा गेट नंबर 2 के पास उस समय हुआ जब हजारों फैंस RCB खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए जमा थे। इससे कुछ ही समय पहले खिलाड़ी कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मिलने विधान सौधा पहुंचे थे। आयोजन को लेकर फैली अफवाहों और अव्यवस्था के चलते भीड़ बेकाबू हो गई और हालात बिगड़ गए।
RCB का बयान: “गहरी पीड़ा में हैं, प्रशासन के निर्देशों का पालन किया”
इस दुखद घटना के बाद RCB फ्रेंचाइज़ी ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए शोक जताया और कहा:
“RCB इस त्रासदी से बेहद आहत है। हम मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। जैसे ही हमें स्थिति की जानकारी मिली, हमने तुरंत अपने कार्यक्रम में बदलाव किए और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन किया।”
फ्रेंचाइज़ी ने आगे कहा, “हम मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से सामने आई इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से स्तब्ध हैं। हमारे लिए सभी की सुरक्षा और भलाई सर्वोपरि है। हम अपने सभी समर्थकों से अनुरोध करते हैं कि कृपया सुरक्षित रहें।”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही बैरिकेड्स टूटे, अफरा-तफरी मच गई। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और कई लोग कुचले गए। पुलिस हालात संभाल नहीं पाई। बॉरिंग और व्हाइटफील्ड के व्याधी अस्पतालों में घायलों को भर्ती कराया गया।
घटना के चश्मदीदों ने बताया कि कई लोग सांस के लिए तड़पते दिखे, कुछ बेजान होकर ज़मीन पर गिरे थे, और मदद की पुकारें भीड़ के शोर में गुम हो गईं।
विराट कोहली ने भी जताया दुख
RCB के दिग्गज बल्लेबाज़ विराट कोहली ने भी इस त्रासदी पर इंस्टाग्राम पोस्ट के ज़रिए दुख जताया। उन्होंने RCB द्वारा जारी आधिकारिक बयान को साझा करते हुए लिखा, “इस घटना से स्तब्ध और बेहद दुखी हूं।”
RCB की ऐतिहासिक जीत का जश्न जिस तरह एक मानवीय त्रासदी में तब्दील हुआ, उसने आयोजन की योजना, सुरक्षा प्रबंध और सूचना संप्रेषण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फ्रेंचाइज़ी द्वारा जारी सफाई के बावजूद सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का दौर जारी है। अब सभी की निगाहें सरकारी जांच और फ्रेंचाइज़ी की जवाबदेही पर टिकी हैं।
