आरसीबी की जीत का जश्न मातम में बदला: विराट कोहली और फ्रेंचाइज़ी पर उठे सवाल
चिरौरी न्यूज
बेंगलुरु: आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ऐतिहासिक जीत के बाद आयोजित किए गए जश्न के दौरान एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भयानक भगदड़ ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई जबकि 33 से अधिक लोग घायल हो गए।
जहां एक ओर स्टेडियम के अंदर विजय समारोह चल रहा था, वहीं बाहर हजारों प्रशंसक खिलाड़ियों की एक झलक पाने को बेताब भीड़ में तब्दील हो चुके थे। इस दौरान स्थिति बेकाबू हो गई और भीड़ के दबाव में भगदड़ मच गई।
इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने RCB फ्रेंचाइज़ी और यहां तक कि विराट कोहली को भी निशाने पर लिया। आलोचकों का कहना है कि जब जानें जा रही थीं, तब भी स्टेडियम के अंदर समारोह चलता रहा, जो बेहद असंवेदनशील था।
हालांकि, विराट कोहली ने बाद में इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर शोक व्यक्त किया और लिखा, “शब्द नहीं हैं… पूरी तरह से टूट गया हूं।”
“विराट को जानकारी नहीं थी”: अतुल वासन
पूर्व भारतीय क्रिकेटर अतुल वासन ने विराट कोहली की आलोचना को अनुचित बताया है। समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने कहा:
“मैं कभी विश्वास नहीं कर सकता कि विराट कोहली को पता था कि लोग बाहर मर रहे हैं और फिर भी वह अंदर समारोह में शामिल रहे। अगर विराट को जानकारी होती, तो वह तुरंत बाहर आ जाते।”
वासन ने कहा कि फ्रेंचाइज़ी और राजनेताओं को शायद हादसे की जानकारी रही हो, पर खिलाड़ियों को इसकी भनक तक नहीं लगी होगी।
“राजनेताओं की बात अलग है, वे कठोर होते हैं। फ्रेंचाइज़ी को भी राजस्व और इवेंट दिखाना होता है, पर खिलाड़ियों के पास ज्यादा नियंत्रण नहीं होता।”
एबी डिविलियर्स और अन्य खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान और RCB के पूर्व खिलाड़ी एबी डिविलियर्स ने भी हादसे पर शोक जताते हुए इंस्टाग्राम पर लिखा:
“चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए दर्दनाक हादसे से प्रभावित लोगों के लिए मेरी प्रार्थनाएं।”
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पुष्टि की कि 11 लोगों की जान गई है और 33 घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि घायलों का इलाज सरकार की ओर से मुफ्त कराया जाएगा।
इस हादसे ने खुशी के मौके को गहरे शोक में बदल दिया। आयोजन की अनियोजित व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण में चूक, और जानकारी के अभाव में जारी समारोह — ये सभी अब सवालों के घेरे में हैं।
अब देखना यह है कि सरकारी जांच और सार्वजनिक आक्रोश के बीच RCB फ्रेंचाइज़ी और आयोजनकर्ताओं की जवाबदेही तय होती है या नहीं
