देशभर में भीषण गर्मी का कहर, कई शहरों में पारा 47 डिग्री के पार

Severe heat wave grips the country, with temperatures crossing 47 degrees in many cities.
(Picture AI Generated For Chirauri News)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: देश के बड़े हिस्से इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। मंगलवार को उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के कई शहरों में तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज किया गया, जिससे लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। वहीं अहमदाबाद और नागपुर में तापमान 41 से 43 डिग्री तक पहुंच गया। जयपुर और लखनऊ में भी पारा 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा।

सबसे चिंताजनक स्थिति बांदा में देखने को मिली, जहां लगातार दूसरे दिन तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री दर्ज किया गया, जिसने लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी का एहसास कराया। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।

दक्षिण भारत के शहरों में भी गर्मी से राहत नहीं मिली। हैदराबाद और चेन्नई में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के मध्य से ऊपरी स्तर तक बना रहा। मुंबई में समुद्री प्रभाव के कारण तापमान अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। वहीं कोलकाता में भी गर्म और उमस भरा मौसम बना रहा।

रात में भी नहीं मिल रही राहत

लोग दिन की तपती गर्मी के बाद ठंडी रातों की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन कई इलाकों में रात का तापमान भी सामान्य से 4 से 5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। नई दिल्ली और जम्मू-कश्मीर समेत कई क्षेत्रों में रातें भी असहज और गर्म बनी हुई हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहेगा और कुछ स्थानों पर यह 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक भी रह सकता है।

हालांकि, उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ तथा स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे सीमित राहत मिल सकती है।

इतनी भीषण गर्मी क्यों पड़ रही है?

विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल और मई के दौरान भारत में तापमान बढ़ना सामान्य मौसमी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस समय सूर्य की किरणें सीधे पड़ती हैं, जिससे सौर विकिरण बढ़ जाता है। इसके साथ ही राजस्थान और पड़ोसी पाकिस्तान के ऊपर कम दबाव वाले ‘हीट ज़ोन’ विकसित हो जाते हैं, जो गर्म और शुष्क हवाओं को बढ़ावा देते हैं।

लेकिन इस बार गर्मी की तीव्रता और उसका व्यापक असर केवल मौसमी कारणों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण भी जिम्मेदार माने जा रहे हैं।

‘अर्बन हीट आइलैंड’ बना बड़ी समस्या

विशेषज्ञों का कहना है कि शहरों में तेजी से बढ़ता कंक्रीट और हरियाली की कमी भी तापमान बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। इसे ‘शहरी ऊष्मा द्वीप’ या ‘अर्बन हीट आइलैंड’ प्रभाव कहा जाता है।

इस प्रभाव के तहत शहरों का तापमान आसपास के ग्रामीण इलाकों की तुलना में कई डिग्री अधिक हो जाता है। इसका मुख्य कारण यह है कि पेड़-पौधों और खुले क्षेत्रों की जगह अब कंक्रीट, स्टील और कांच की इमारतों ने ले ली है, जो दिनभर गर्मी को सोखकर रात में धीरे-धीरे छोड़ती हैं। यही वजह है कि बड़े शहरों में दिन और रात दोनों समय गर्मी अधिक महसूस होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, घटती हरियाली और तेजी से फैलता शहरीकरण आने वाले वर्षों में ऐसी भीषण गर्मी की घटनाओं को और अधिक गंभीर बना सकते हैं।

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