रेवंत रेड्डी ने अमेरिका यात्रा की मंज़ूरी न मिलने पर केंद्र पर साधा निशाना, ‘यह तेलंगाना का अपमान’

Revanth Reddy targets the Centre after being denied permission for a US visit; calls it an "insult to Telangana."चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा के लिए केंद्र सरकार से राजनीतिक मंज़ूरी नहीं मिलने पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को उन्होंने इस फैसले को “तेलंगाना का अपमान” बताया और केंद्र के रवैये पर सवाल उठाए।

रेवंत रेड्डी की अमेरिका और ब्रिटेन की प्रस्तावित दो देशों की यात्रा थी। केंद्र से अमेरिका दौरे के लिए मंज़ूरी नहीं मिलने के बाद उन्होंने शुक्रवार को यात्रा का अमेरिकी हिस्सा रद्द कर दिया था। उस समय मुख्यमंत्री ब्रिटेन में थे और रविवार को लंदन से हैदराबाद लौटे।

अमेरिका यात्रा को क्यों नहीं मिली मंज़ूरी?

विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, रेवंत रेड्डी की अमेरिका यात्रा को राजनीतिक मंज़ूरी इसलिए नहीं दी गई क्योंकि प्रस्तावित कार्यक्रम और यात्रा का उद्देश्य तय नियमों के अनुरूप नहीं था।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के अमेरिका दौरे के कार्यक्रम में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोरान मम्दानी के साथ प्रस्तावित बैठकें शामिल थीं। हालांकि, इन मुलाकातों का विवरण राजनीतिक मंज़ूरी की प्रक्रिया के तहत विदेश मंत्रालय के माध्यम से नहीं भेजा गया था।

सूत्रों का कहना है कि इन्हीं प्रस्तावित बैठकों को अमेरिका यात्रा की मंज़ूरी न मिलने की प्रमुख वजह माना जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने रेवंत रेड्डी की यूके और अमेरिका, दोनों देशों की यात्रा के लिए विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंज़ूरी मांगी थी। केंद्र ने यूके यात्रा को मंज़ूरी दे दी, लेकिन अमेरिका दौरे को अनुमति नहीं मिली। केंद्र सरकार के सूत्रों ने इस फैसले को तकनीकी प्रक्रिया से जुड़ा बताया है। उनका कहना है कि इसका केंद्र और तेलंगाना सरकार के बीच किसी राजनीतिक मतभेद से कोई संबंध नहीं है।

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को स्पष्ट किया था कि मंत्रालय ने रेवंत रेड्डी की यूके यात्रा को मंज़ूरी दी थी, लेकिन अमेरिका की प्रस्तावित यात्रा को राजनीतिक मंज़ूरी नहीं दी गई।

उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय मुख्यमंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की विदेश यात्राओं को मंज़ूरी देने से पहले उनके प्रस्तावित कार्यक्रम का आकलन करता है। इसमें संबंधित व्यक्ति का पद, यात्रा का उद्देश्य और प्रस्तावित कार्यक्रम शामिल होते हैं।

जायसवाल के मुताबिक, इस मामले में अमेरिका यात्रा का प्रस्ताव इन मानकों के अनुरूप नहीं था, इसलिए उसे राजनीतिक मंज़ूरी नहीं दी गई।

प्रस्तावित मुलाकातों पर उठे सवाल

केंद्र के सूत्रों के मुताबिक, रेवंत रेड्डी के अमेरिका दौरे में जेडी वेंस और ज़ोरान मम्दानी से मुलाकात का प्रस्ताव था। हालांकि, राजनीतिक मंज़ूरी की प्रक्रिया के दौरान इन बैठकों को लेकर विदेश मंत्रालय से कथित तौर पर चर्चा नहीं की गई और न ही इन्हें मंत्रालय के माध्यम से प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल किया गया।

विदेश मंत्रालय आमतौर पर मुख्यमंत्री और अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की विदेश यात्राओं के प्रस्तावों की समीक्षा करता है। इस दौरान यह देखा जाता है कि यात्रा का कार्यक्रम संबंधित पद और यात्रा के घोषित उद्देश्य के अनुरूप है या नहीं।

‘तेलंगाना का अपमान’ बताकर रेवंत ने बढ़ाई सियासी गर्मी

यह विवाद तब सामने आया जब तेलंगाना सरकार की ओर से आरोप लगाया गया कि केंद्र ने मुख्यमंत्री की अमेरिका यात्रा को मंज़ूरी देने से इनकार कर दिया है। अब रेवंत रेड्डी के “तेलंगाना का अपमान” वाले बयान के बाद इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं।

एक तरफ केंद्र इसे नियमों और प्रक्रिया से जुड़ा तकनीकी मामला बता रहा है, वहीं रेवंत रेड्डी इसे तेलंगाना के सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं।

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