रिदा थराना और क्रिस्टल डिसूजा ने जीता ‘द ट्रेटर्स इंडिया’ सीजन 2

Rida Tharana and Krystle D'Souza won ‘The Traitors India’ Season 2.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: ‘उठो और संभलो, अब धोखे का समय है!’ यह पंक्ति ‘द ट्रेटर्स इंडिया’ के दूसरे सीजन पर बिल्कुल सटीक बैठती है। कई हफ्तों तक चली साजिश, झूठ, चालबाजी, हेरफेर, हत्याओं और लगातार होने वाले मतदान के बाद आखिरकार रिदा थराना और क्रिस्टल डिसूजा ने ‘द ट्रेटर्स इंडिया’ सीजन २ का खिताब अपने नाम कर लिया।

हालांकि, दोनों का सफर बिल्कुल आसान नहीं था। कई ऐसे मौके आए जब रिदा और क्रिस्टल पर शक गहराने लगा था। खिलाड़ियों के बीच उनके नामों की चर्चा होने लगी थी और ऐसा लग रहा था कि अब उनका खेल खत्म होने वाला है। लेकिन हर बार जब खतरा उनके करीब पहुंचा, खेल ने ऐसी करवट ली कि दोनों बच निकलने में कामयाब रहीं।

यही उनके सफर की सबसे खास बात रही। मासूम खिलाड़ियों ने कई बार उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन हर बार वे मंजिल से कुछ कदम दूर रह गए।

छठे एपिसोड तक खेल एक तय दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा था। लेकिन सातवें एपिसोड में सब कुछ बदल गया। तीसरी गद्दार खिलाड़ी शाहनील गिल को खेल से बाहर कर दिया गया।

इस निष्कासन की सबसे दिलचस्प बात यह थी कि उस समय कई खिलाड़ियों को क्रिस्टल डिसूजा पर शक होने लगा था। ऐसा लग रहा था कि ‘सर्कल ऑफ शाक’ आखिरकार क्रिस्टल का पर्दाफाश कर देगा। लेकिन निजी जासूस तान्या पुरी की एक समझदारी भरी चाल ने पूरा खेल बदल दिया।

तान्या ने क्रिस्टल और शाहनील दोनों से उन्हें मिले पत्रों के बारे में सवाल किया। क्रिस्टल ने अपने जवाब से खुद को बचा लिया, लेकिन शाहनील अपने जवाब में उलझ गईं। तान्या ने जब शाहनील से पूछा कि सुरक्षित होने की स्थिति में पत्र में क्या लिखा था, तो उनका जवाब समूह को संतुष्ट नहीं कर पाया। शाहनील ने कहा कि उन्हें पत्र में लिखी हर बात याद नहीं थी। यह छोटी-सी गलती शाहनील पर भारी पड़ गई। क्रिस्टल पर हो रहा शक अचानक शाहनील की ओर मुड़ गया और आखिरकार खिलाड़ियों ने उन्हें खेल से बाहर कर दिया।

इस तरह क्रिस्टल उस खतरे से बच गईं, जो उनके खेल के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हो सकता था।

रिदा: शानदार मासूम, लेकिन कमजोर गद्दार?

इसी एपिसोड में एक और बड़ा बदलाव हुआ। पूरे खेल में गद्दारों के पीछे पड़ीं रिदा थराना खुद गद्दार बन गईं। मासूम खिलाड़ी के रूप में रिदा ने शानदार खेल दिखाया था, लेकिन गद्दार की भूमिका निभाना उनके लिए उतना आसान नहीं रहा। उन्होंने अपनी निर्मम रणनीति का परिचय तब दिया जब उन्होंने अपनी करीबी दोस्त प्रिश की हत्या कर दी। लेकिन जल्द ही गद्दार बनने का दबाव उन पर साफ दिखाई देने लगा।

जब अंश खेल से बाहर हुआ तो रिदा भावुक होकर टूट गईं। इसके बाद खिलाड़ियों का शक एक बार फिर उन पर जाने लगा। लगभग सभी को विश्वास हो गया कि रिदा को ब्लैकमेल करके गद्दार बनाया गया है।

खिलाड़ियों ने कई कड़ियों को जोड़ लिया था और ऐसा लग रहा था कि रिदा के लिए खुद को निर्दोष साबित करना लगभग असंभव होगा।

यहां तक कि क्रिस्टल को भी लगने लगा था कि रिदा का खेल मुश्किल में है। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि अब उनके पास बचने का कोई रास्ता नहीं है। लेकिन तभी एक और फैसला पूरे खेल की दिशा बदल गया।

मालिका और दलीप दोनों को यकीन था कि रिदा नई गद्दार हैं। दोनों शालिनी को भी प्रभावित कर रहे थे और रिदा के खिलाफ मामला मजबूत कर रहे थे। अगर यह समूह उसी तरह बना रहता, तो रिदा के लिए खेल में टिके रहना बेहद मुश्किल हो सकता था। लेकिन मालिका के खेल से बाहर होने के बाद समीकरण बदल गए।

शालिनी, साहिल और दलीप के खेल में बचे होने के बीच रिदा और क्रिस्टल ने एक नई रणनीति अपनाई। दोनों ने शालिनी को अपने पक्ष में कर लिया और इसके बाद लड़कों को मतदान के जरिए खेल से बाहर कर दिया गया।

अब खेल में केवल तीन महिलाएं बची थीं—क्रिस्टल, रिदा और शालिनी। अंतिम मतदान में आया सबसे बड़ा रोमांच अंतिम मतदान ने एक बार फिर दर्शकों की धड़कनें बढ़ा दीं।

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