शशि थरूर ने कहा – आतंक पर भारत का जवाब सटीक और संतुलित, दुनिया को एकजुट होकर लड़ना होगा

Shashi Tharoor said - India's response to terrorism is accurate and balanced, the world will have to fight unitedlyचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को भारतीय वाणिज्य दूतावास में दिए एक बयान में कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों और मुख्यालयों पर सटीक और संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह समय है जब पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना चाहिए।

ऑल पार्टी प्रतिनिधिमंडल के अमेरिका दौरे पर थरूर ने कहा कि 9/11 मेमोरियल पर उनकी यात्रा की शुरुआत एक भावुक क्षण था, लेकिन साथ ही यह एक सशक्त संदेश भी था कि भारत भी आतंकवाद का शिकार हुआ है और यह एक साझा वैश्विक समस्या है।

थरूर ने कहा, “हम यहां एकजुटता के भाव के साथ आए हैं। यह एक वैश्विक संकट है, एक अभिशाप है और हमें इसके खिलाफ मिलकर लड़ना होगा।”

उन्होंने बताया कि इस दौरे का उद्देश्य विभिन्न देशों में जनता, मीडिया और नीति निर्माताओं से संवाद करना है, ताकि भारत की चिंताओं को बेहतर तरीके से समझा जा सके। प्रतिनिधिमंडल उन सभी देशों में सरकारों, विधायकों, थिंक टैंकों और विदेश नीति विशेषज्ञों से मुलाकात कर रहा है।

थरूर ने पहलगाम हमले को “क्रूर” बताते हुए कहा कि हमलावर लोगों की धार्मिक पहचान जानकर उन्हें मार रहे थे, जिससे भारत में सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश की गई। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने एकजुटता दिखाई और इस नफरत के प्रयास को विफल किया।

उन्होंने बताया कि “हमले के एक घंटे के भीतर ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने हमले की जिम्मेदारी ली। यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही एक फ्रंटल संगठन है, जिसे अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र दोनों ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है। भारत ने 2023 और 2024 में इस संगठन के खिलाफ जानकारी UN के प्रतिबंध समिति को दी थी। 2025 में एक बार फिर TRF ने हमले की जिम्मेदारी ली।”

थरूर ने अफसोस जताया कि पाकिस्तान ने हमेशा की तरह इस बार भी हमले से इनकार किया और चीन के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रेस बयान से TRF का जिक्र हटवा दिया।

भारत की जवाबी कार्रवाई पर उन्होंने कहा, “मैं सरकार में नहीं हूं, मैं विपक्ष से हूं, लेकिन मैंने एक लेख में लिखा था कि समय आ गया है कि भारत को सख्त और समझदारी से जवाब देना चाहिए। और खुशी है कि भारत ने ऐसा ही किया।”

उन्होंने बताया कि भारत ने 9 विशिष्ट आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इनमें लश्कर-ए-तैयबा के मुरिदके स्थित ठिकाने और जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मुख्यालय शामिल थे, जो डैनियल पर्ल की हत्या जैसे मामलों में शामिल रहे हैं।

थरूर ने कहा कि भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि वह आतंकवाद का सामना करेगा, लेकिन यह कार्रवाई युद्ध की शुरुआत नहीं थी बल्कि एक निर्णायक प्रतिकार था।

इस ऑल पार्टी प्रतिनिधिमंडल में शंभवी चौधरी (लोक जनशक्ति पार्टी), सरफराज अहमद (झारखंड मुक्ति मोर्चा), जी एम हरीश बालायगी (तेलुगु देशम पार्टी), शशांक मणि त्रिपाठी, तेजस्वी सूर्या, भुवनेश्वर के लता (सभी भाजपा), मल्लिकार्जुन देवड़ा (शिवसेना) और अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरणजीत सिंह संधू शामिल हैं।

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