‘सोनम वांगचुक मौत के करीब’ बिगड़ती सेहत के बीच अभिजीत दिपके की अपील

'Sonam Wangchuk near death': Abhijit Dipke's appeal amidst deteriorating health.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब बेहद चिंताजनक मोड़ पर पहुँच गई है। उनकी गिरती सेहत को लेकर सहयोगियों और डॉक्टरों की चिंता लगातार बढ़ रही है। गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भावुक अपील करते हुए कहा, “मैं यह कहना नहीं चाहता, लेकिन सोनम वांगचुक मौत के करीब हैं।”

दिपके, जो 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुई वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान लगातार उनके साथ मौजूद हैं, ने CJP द्वारा जारी एक वीडियो संदेश में यह बात कही। वांगचुक NEET समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

वीडियो में दिपके ने दावा किया कि लंबे उपवास के कारण वांगचुक बेहद कमज़ोर हो चुके हैं। उनके मुताबिक, “उनकी हड्डियाँ तक दिखाई देने लगी हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि गुरुवार को वॉशरूम जाते समय वांगचुक दो बार गिरते-गिरते बचे।

इसी दिन सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो भी उनकी बिगड़ती शारीरिक स्थिति की तस्वीर पेश करते हैं। इनमें वांगचुक को दिपके और अन्य सहयोगियों के सहारे मंच से उतरते हुए देखा जा सकता है। वह लड़खड़ाते कदमों से धीरे-धीरे वॉशरूम की ओर बढ़ते नज़र आए। बावजूद इसके, उन्होंने रास्ते में रुककर मुस्कुराते हुए अपने समर्थकों का अभिवादन किया, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोग शामिल थे।

दिपके ने बताया कि उन्होंने गुरुवार को वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने साफ़ इनकार कर दिया। CJP के आधिकारिक YouTube चैनल पर साझा किए गए वीडियो के मुताबिक, वांगचुक ने उनसे कहा, “आप बस चुप हो जाइए। मुझसे भूख हड़ताल खत्म करने के लिए मत कहिए। पूछिए कि सरकार हमारी बात क्यों नहीं सुन रही है।”

इसी बीच, हमारे संवाददाता ने जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर रात बिताकर वांगचुक के आंदोलन और भूख हड़ताल का ज़मीनी जायज़ा लिया। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर मौजूद समर्थकों की चिंता और आंदोलन की गंभीरता साफ़ दिखाई दी।

भूख हड़ताल के लगातार लंबा खिंचने के साथ डॉक्टरों ने भी वांगचुक की सेहत को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। गुरुवार को जारी मेडिकल अपडेट में कहा गया कि यदि स्थिति इसी तरह बनी रही तो अगला चरण शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब कई राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक हस्तियों ने उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट तक भी पहुँच चुका है।

हालाँकि, वांगचुक का कहना है कि सरकार की ओर से किसी सकारात्मक प्रतिक्रिया के बिना भूख हड़ताल समाप्त करना आंदोलन के उद्देश्य को कमजोर करेगा। बुधवार देर रात जारी अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि यदि ज़रूरत पड़ी तो वह कई और दिनों तक उपवास जारी रख सकते हैं। साथ ही उन्होंने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संसद मार्च को सफल बनाने की अपील भी की।

वांगचुक की सेहत को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर रोज़ाना नज़र रखी जाए और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा, “हर नागरिक का जीवन अनमोल है और सरकार की ज़िम्मेदारी है कि उसे बचाने के लिए हर संभव चिकित्सीय प्रयास किए जाएँ।” केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी अदालत को आश्वस्त किया कि वांगचुक के नियमित मेडिकल परीक्षण कराने पर सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।

डॉ. सतीश लांबा द्वारा जारी ताज़ा मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, 28 जून को भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से वांगचुक का वज़न नौ किलोग्राम से अधिक घट चुका है और अब उनका वज़न 56.9 किलोग्राम रह गया है।

डॉ. लांबा ने बताया कि लंबे समय तक उपवास के कारण शरीर पहले ग्लूकोज़, फिर वसा और अंततः मांसपेशियों को ऊर्जा के स्रोत के रूप में इस्तेमाल करने लगता है। उन्होंने कहा कि वांगचुक का कीटोन स्तर पहले 3-प्लस तक पहुँच गया था, जो बेहतर हाइड्रेशन के बाद घटकर 2-प्लस हो गया है। हालांकि, उनका यूरिक एसिड अब भी सामान्य से अधिक है, जो शरीर में मांसपेशियों के लगातार क्षरण का संकेत देता है।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि यह स्थिति आगे भी जारी रही तो अगले चरण में शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि वांगचुक की 24 घंटे मेडिकल निगरानी की जा रही है और उम्मीद जताई कि उनकी हालत उस स्तर तक नहीं पहुँचेगी। साथ ही उन्होंने सरकार से जल्द हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा कि यदि अंगों पर असर शुरू हो गया तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।

गौरतलब है कि यह चिंताजनक मेडिकल रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब कुछ दिन पहले ही वांगचुक ने समर्थकों को आश्वस्त किया था कि शुरुआती मेडिकल जांचों में किसी तत्काल जानलेवा खतरे के संकेत नहीं मिले थे। लेकिन अब डॉक्टरों की ताज़ा चेतावनी ने उनकी सेहत को लेकर चिंता को और गहरा कर दिया है।

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