सुभाष घई ने आदित्य धर की धुरंधर को कला और व्यावसायिक सिनेमा का एक दुर्लभ मिश्रण बताया
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: फिल्ममेकर सुभाष घई ने ब्लॉकबस्टर फिल्म “धुरंधर” के लिए युवा निर्देशक आदित्य धर की खुले दिल से तारीफ की है। उन्होंने इसे हिंदी सिनेमा में कमर्शियल प्लेटफॉर्म पर पेश की गई कलात्मक फिल्ममेकिंग का एक शानदार उदाहरण बताया।
सुभाष ने इंस्टाग्राम पर आदित्य की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि फिल्म ने उन पर गहरा प्रभाव डाला है। उन्होंने कहा कि कहानी कहने के इस बारीक अंदाज़ और फिल्म की हर डिटेल की तारीफ किए बिना वह खुद को रोक नहीं सकते।
“हाय आदित्य। हिंदी इंडियन सिनेमा में कमर्शियल प्लेटफॉर्म पर सिनेमा की यह कलात्मक कृति बनाने के लिए आप सिर्फ बधाई के हकदार नहीं हैं, बल्कि इससे कहीं ज़्यादा सम्मान के पात्र हैं।“
अनुभवी फिल्ममेकर ने फिल्म की चैप्टर-वाइज कहानी, मल्टी-लेयर टकराव और चुनौतियां, और ध्यानपूर्वक निर्मित किरदारों की तारीफ की। उन्होंने इसके भव्य सेट, शानदार कास्टिंग, कॉस्ट्यूम डिज़ाइन, सिनेमैटोग्राफी और भरोसेमंद एक्शन सीक्वेंस को भी सराहा।
उन्होंने कहा, “मैंने कल फिल्म देखी और इसके हर छोटे से छोटे विवरण, टकराव, चुनौतियां, किरदार, कास्टिंग, कॉस्ट्यूम, सिनेमैटोग्राफी और भरोसेमंद एक्शन के साथ-साथ स्क्रीन पर नजर आने वाले छोटे किरदारों के शानदार प्रदर्शन की तारीफ किए बिना नहीं रह सका, जिसमें पाकिस्तान की गैंग्स की दुनिया को भी बड़े सटीक ढंग से पेश किया गया है।”
धुरंधर की कमर्शियल सफलता की हकदार बताते हुए, सुभाष घई ने आदित्य और उनकी पूरी टीम पर गर्व जताया।
“यह फिल्म अपनी सभी कमर्शियल सफलता की पूरी तरह हकदार है। मुझे आदित्य और ‘धुरंधर’ की पूरी टीम पर गर्व है। मेरी सभी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं।”
फिल्म में रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल सहित कई प्रमुख कलाकार हैं। यह दो-भाग वाली फिल्म सीरीज़ की पहली किस्त है, जो एक एंटी-टेरर गुप्त ऑपरेशन पर आधारित है। इसमें एक अंडरकवर एजेंट पाकिस्तान के कराची में आपराधिक और राजनीतिक अंडरवर्ल्ड में घुसपैठ करता है।
कहानी कई असली घटनाओं से प्रेरित है, जैसे 1999 की IC-814 हाईजैकिंग, 2001 का भारतीय संसद हमला, 2008 के मुंबई हमले और ऑपरेशन लयारी जैसी भू-राजनीतिक घटनाएं।
