आईसीसी ने ईडन गार्डन्स पिच को ‘संतोषजनक’ रेटिंग दी
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स की पिच को ‘संतोषजनक’ रेटिंग दी है, जिससे यह खराब आकलन से बच गई। यह फैसला नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की चौंकाने वाली टेस्ट हार के बाद उठे विवादों के बीच आया है और पूर्व भारतीय ओपनर गौतम गंभीर के आकलन से मेल खाता है।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया यह टेस्ट मैच महज ढाई दिन में समाप्त हो गया था, जिसमें टेम्बा बावुमा की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका ने 30 रन से जीत दर्ज की थी। पहले दिन से ही पिच पर अत्यधिक टर्न और असमान उछाल देखने को मिला था, जिसके चलते पिच की तीखी आलोचना हुई। मैच में कोई भी टीम 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी थी, जबकि भारत दूसरी पारी में 93 रन पर सिमट गया था। यह पहली बार था जब भारत टेस्ट मैच की चौथी पारी में 100 से कम रन पर ऑल आउट हुआ।
इस हार के साथ भारत को दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से पराजय झेलनी पड़ी। हालांकि आलोचनाओं के बावजूद, ICC ने ईडन गार्डन्स की पिच को ‘संतोषजनक’ करार दिया और इसे ‘असंतोषजनक’ या ‘अनुपयुक्त’ श्रेणी में डालने से बचा लिया।
इसके विपरीत, बॉक्सिंग डे एशेज टेस्ट की मेजबानी करने वाले मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) की पिच को ICC ने ‘असंतोषजनक’ रेटिंग दी। यह ICC की पिच-रेटिंग प्रणाली में दूसरी सबसे खराब श्रेणी है। वह टेस्ट भी दो दिनों के भीतर समाप्त हो गया था, जिसकी इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों में कड़ी आलोचना हुई थी और जिससे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को कथित तौर पर भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सुनील गावस्कर ने संकेत दिया था कि मेलबर्न की पिच खराब रेटिंग से बच सकती है, लेकिन ICC ने अपने फैसले पर कायम रहते हुए स्पिन-अनुकूल कोलकाता पिच को अपेक्षाकृत बेहतर आकलन दिया।
गौतम गंभीर ने पहले ईडन गार्डन्स की पिच और उसके क्यूरेटर का बचाव करते हुए कहा था कि सतह में कोई “खामी” नहीं थी और भारतीय बल्लेबाज परिस्थितियों के अनुरूप प्रदर्शन करने में असफल रहे। गंभीर ने यह भी खुलासा किया था कि टीम प्रबंधन ने इसी तरह की पिच की मांग की थी।
जहां गावस्कर ने पिच और गंभीर दोनों का समर्थन किया, वहीं चेतेश्वर पुजारा और हरभजन सिंह सहित कई पूर्व क्रिकेटरों ने इसे टेस्ट क्रिकेट के लिए अनुपयुक्त बताया। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भी स्वीकार किया कि ईडन गार्डन्स की पिच टेस्ट क्रिकेट के लिए आदर्श नहीं थी।
गावस्कर ने तीसरी पारी में टेम्बा बावुमा के दृष्टिकोण से सीखने में भारत की विफलता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दबाव में दक्षिण अफ्रीकी कप्तान की संयमित और अनुशासित बल्लेबाजी की जमकर प्रशंसा की। बावुमा ने 136 गेंदों पर नाबाद 55 रन बनाते हुए निचले मध्यक्रम के साथ अहम साझेदारियां कीं और भारत के सामने 124 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
इस बीच, गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम की पिच—जहां दूसरा टेस्ट खेला गया था—को ICC ने ‘बहुत अच्छी’ की सर्वोच्च रेटिंग दी। उस मैच में भारत को 408 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा था।
ICC की पिच और आउटफील्ड रेटिंग प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मैचों के बाद खेल सतहों का मूल्यांकन करती है। इसमें उछाल, कैरी, निरंतरता और बल्ले-बॉल के बीच संतुलन जैसे मानदंड शामिल होते हैं। ‘बहुत अच्छी’ रेटिंग संतुलित पिच को दर्शाती है, जबकि ‘संतोषजनक’ ऐसी सतह को इंगित करती है जिसमें मामूली खामियां हो सकती हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धी क्रिकेट संभव रहता है।
वर्तमान में भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में छठे स्थान पर है। टीम ने मौजूदा चक्र में अब तक नौ टेस्ट में से चार गंवाए हैं। भारत अगस्त में श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट मैच खेलेगा, इसके बाद साल के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट की श्रृंखला खेलेगा। WTC चक्र का समापन भारत 2027 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की घरेलू श्रृंखला के साथ करेगा।
