अमेरिका में मंदिर में गोलीबारी की साजिश पर भारत सरकार ने चिंता जताई
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारत ने गुरुवार को इलिनोइस के ऑरोरा में एक हिंदू मंदिर में बड़े पैमाने पर गोलीबारी (मास शूटिंग) करने की कथित साजिश पर चिंता जताई है। साथ ही, भारत ने अमेरिकी अधिकारियों से इस मामले की जांच करने और भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लवादी होना, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा की बात कही गई है, “बेहद चिंताजनक” है।
उन्होंने कहा, “हमने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई पर ध्यान दिया है, जिसमें संदिग्ध की गिरफ्तारी और उस पर लगाए गए आरोप शामिल हैं।”
जायसवाल ने कहा कि इस घटना ने अमेरिका में नस्लवादी दुश्मनी और भारत-विरोधी नफरत को लेकर बढ़ रही चिंताओं को और बढ़ा दिया है। उन्होंने अधिक सतर्कता बरतने, नफरत से प्रेरित हिंसा के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) की नीति अपनाने और भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि अमेरिकी अधिकारी इस मामले की गहन जांच करेंगे, दोषियों को सजा दिलाएंगे और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे।”
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने 11 अक्टूबर को इलिनोइस के पैलेटाइन में रहने वाले 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस को गिरफ्तार किया। जांचकर्ताओं को आठ पन्नों का एक घोषणापत्र (मेनिफेस्टो) मिला है, जिसमें ‘श्वेत वर्चस्व’ (व्हाइट सुप्रीमेसिस्ट) के विचार व्यक्त किए गए हैं और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा की बात कही गई है।
यह जांच तब शुरू हुई जब एक व्यक्ति ने पैपोराकिस के कुछ चिंताजनक संदेशों के बारे में माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बताया कि उसने एक दस्तावेज साझा किया था, जिसमें गोलीबारी की योजना का जिक्र था। इसके साथ ही उसने एक राइफल, मैगजीन, बॉडी आर्मर (सुरक्षा कवच) और अन्य सामरिक उपकरणों की तस्वीरें भी भेजी थीं।
पैलेटाइन पुलिस के अनुसार, जांचकर्ताओं का मानना है कि उसने 11 अक्टूबर को हमले की योजना बनाई होगी, जिसका निशाना ऑरोरा में स्थित कोई हिंदू धार्मिक स्थल हो सकता था। हालांकि, हमले की सटीक जगह की पुष्टि नहीं हो पाई है और इस पर अभी जांच चल रही है।
