यह उनका आवास नहीं है: बीएमसी द्वारा संपत्ति तोड़े जाने पर अजय देवगन की टीम ने चुप्पी तोड़ी
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: जुहू स्थित एक प्रॉपर्टी पर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद, अभिनेता अजय देवगन की टीम ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि यह जगह किराए पर दी गई है, न कि यह अभिनेता का निजी आवास है।
बयान में कहा गया है, “हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि जिस प्रॉपर्टी की बात हो रही है, वह अजय देवगन का आवास नहीं है, बल्कि एक अलग प्रॉपर्टी है जिसे किराए पर दिया गया है। हमने अपनी एक प्रॉपर्टी के लिए BMC से जरूरी अनुमतियां मांगी हैं और हम BMC के सभी नियमों, कानूनों और दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं। BMC की मांग के अनुसार जरूरी बदलाव और सुधार कर लिए गए हैं।”
यह स्पष्टीकरण 12 अक्टूबर को हुई नगर निगम की कार्रवाई के बाद आया है। BMC ने बंगले में कथित तौर पर किए जा रहे अनधिकृत निर्माण के कुछ हिस्सों को तोड़ दिया। बताया गया है कि काम रोकने के आदेश के बावजूद वहां अंदरूनी बदलाव किए जा रहे थे।
7,802 वर्ग फुट की यह प्रॉपर्टी ‘कपोल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी’ (JVPD स्कीम, प्लॉट S-10, NS रोड नंबर 11) में स्थित है। इसे ‘फ्लोरियन ह्यूरेल सैलून प्राइवेट लिमिटेड’ को 5 साल के एक रजिस्टर्ड समझौते के तहत किराए पर दिया गया था। इसके लिए 10.61 करोड़ रुपये का करार हुआ था और शुरुआती मासिक किराया 16 लाख रुपये तय किया गया था। हालांकि देवगन परिवार ने इस लीज के लिए हाउसिंग सोसाइटी से ‘नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) ले लिया था, लेकिन सोसाइटी का कहना है कि उनकी मंजूरी केवल ‘लीव-एंड-लाइसेंस’ (किरायेदारी) के लिए थी, न कि ढांचे में बदलाव करने या इसे कमर्शियल इस्तेमाल में बदलने के लिए।
इस बीच, अजय देवगन की आखिरी फिल्म जो सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, वह ‘दृश्यम: द कंक्लूजन’ (दृश्यम 2) थी। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी इस फिल्म में तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, प्रकाश राज और जयदीप अहलावत ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं।
