उमेश यादव का छलका दर्द, ‘चयनकर्ता साफ बताएं वापसी की उम्मीद है या नहीं, विदर्भ से भी नहीं मिला साथ’

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज उमेश यादव ने टीम इंडिया में वापसी की संभावनाओं, चयनकर्ताओं की भूमिका और विदर्भ क्रिकेट संघ के साथ अपने अनुभवों को लेकर खुलकर बात की है। 38 वर्षीय उमेश अब भी भारतीय घरेलू क्रिकेट में सक्रिय हैं और राष्ट्रीय टीम में वापसी का सपना देख रहे हैं। उनका मानना है कि टीम चयन में उम्र के बजाय खिलाड़ी के प्रदर्शन और फिटनेस को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उमेश यादव ने टाइम्स नाउ से बातचीत में कहा कि क्रिकेट में वापसी के लिए कभी देर नहीं होती। उनके मुताबिक, अगर कोई खिलाड़ी 37 या 38 साल की उम्र में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और पूरी तरह फिट है, तो केवल उम्र के आधार पर उसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि चयनकर्ताओं को लगता है कि कोई खिलाड़ी अब टीम के लिए उपयुक्त नहीं है, तो उन्हें यह बात स्पष्ट रूप से बता देनी चाहिए।
उमेश ने चयनकर्ताओं से खिलाड़ियों के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को अनिश्चितता में रखने के बजाय यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि उसके चयन की संभावनाएं क्या हैं। इससे खिलाड़ी को अपने भविष्य के बारे में सही फैसला लेने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी अपने देश के लिए दोबारा खेलना और टीम में वापसी करना चाहता है।
चोट के बाद वापसी में आईं मुश्किलें
उमेश यादव ने आखिरी बार 2023 में भारत के लिए टेस्ट मैच खेला था। इसके बाद चोटों और युवा तेज गेंदबाजों के उभरने के कारण उनकी टीम में वापसी की राह मुश्किल हो गई। उन्होंने अपनी चोट की तुलना मोहम्मद शमी की चोट से करते हुए बताया कि उनकी एड़ी की चोट काफी गंभीर थी और उन्हें सर्जरी के बाद लगभग एक साल तक रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा।
उमेश ने कहा कि शमी को चोट से उबरने के बाद अपने राज्य बंगाल से अच्छा सहयोग मिला, जबकि उन्हें विदर्भ में वैसा समर्थन नहीं मिला। उनके मुताबिक, वापसी के दौरान उन्हें आवश्यक सहयोग और अवसर नहीं दिए गए।
विदर्भ छोड़ पंजाब से जुड़े उमेश
घरेलू क्रिकेट में विदर्भ का प्रतिनिधित्व करने वाले उमेश यादव ने 2026-27 सीजन से पहले पंजाब की टीम का दामन थाम लिया। उन्होंने 2008 में विदर्भ के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया था और करीब 18 साल तक इस टीम के साथ जुड़े रहे।
उमेश ने आरोप लगाया कि विदर्भ में कुछ लोग उन्हें टीम से बाहर देखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें यह महसूस कराया कि किसी भी खिलाड़ी के लिए स्पष्टता और उचित समर्थन बेहद जरूरी है।
उमेश यादव ने भारत के लिए 57 टेस्ट, 75 वनडे और नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। 25 अक्टूबर को 39 साल के होने जा रहे इस तेज गेंदबाज ने साफ किया कि उनके अंदर अभी क्रिकेट बाकी है और वह अपनी क्षमता के अनुसार खेलना जारी रखना चाहते हैं। उनका मानना है कि चयनकर्ताओं से स्पष्ट मार्गदर्शन मिलने पर उनके जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को अपने करियर की दिशा तय करने में आसानी होगी।
