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अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं और परमाणु कार्यक्रम को कमजोर किया लेकिन एक दो ठिकाने अभी और बचे है: ट्रम्प

US weakenes Iran’s military capabilities, nuclear program, but one or two still remain: Trumpचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान में अमेरिका के पास अभी भी एक या दो ऐसे लक्ष्य हैं जिन्हें “संभालना” (यानी निशाना बनाना) बाकी है। इनमें एक संदिग्ध भूमिगत परमाणु परिसर भी शामिल है। इससे संकेत मिलता है कि ईरान में अमेरिका के सैन्य उद्देश्य अभी पूरे नहीं हुए हैं।

यह बयान ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खमेनेई द्वारा अमेरिका और इज़राइल को दी गई एक नई चेतावनी के बाद आया है। खमेनेई ने ईरानी सशस्त्र बलों को आदेश दिया है कि वे किसी भी दुश्मन के खतरे का तुरंत और जोरदार जवाब देने के लिए तैयार रहें। शनिवार को फ्लोरिडा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं और परमाणु कार्यक्रम को काफी कमजोर कर दिया है, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे लक्ष्य हैं जिन पर ध्यान देना बाकी है।

समाचार एजेंसी एएफपी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प ने कहा, “हमने उनके परमाणु सिस्टम को नष्ट कर दिया है। अभी भी एक या दो ऐसी जगहें हैं जिन्हें हमें ‘संभालना’ है, लेकिन हम ऐसा 10 मिनट में कर सकते हैं।” उन्होंने विशेष रूप से ‘पिकएक्स माउंटेन’ (Pickaxe Mountain) का जिक्र किया, जो ईरान की नतान्ज़ परमाणु सुविधा के पास एक संदिग्ध भूमिगत परमाणु परिसर है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को “इसे संभालना” होगा।

कुछ दिन पहले, खमेनेई ने एक लिखित संदेश में कहा था कि अगर उनके दुश्मन फिर से सैन्य या आतंकवादी हमले शुरू करते हैं, तो ईरान ही तय करेगा कि किसी नए संघर्ष को कब और किन शर्तों पर खत्म करना है। उन्होंने दुश्मन के किसी भी खतरे का तुरंत, जोरदार और “भौगोलिक रूप से बिना किसी सीमा के” (यानी कहीं भी) जवाब देने का आह्वान किया। उन्होंने सशस्त्र बलों को अपनी लक्ष्य सूची (टारगेट लिस्ट) अपडेट करने का भी निर्देश दिया, ताकि अमेरिका और इज़राइल की सभी संपत्तियों—चाहे वे भौतिक हों या अन्य—को हमले की जद में लाया जा सके।

खमेनेई ने सशस्त्र बलों को यह भी निर्देश दिया कि वे टोही (reconnaissance), सहायता और युद्ध अभियानों के लिए जरूरी गोला-बारूद और हथियारों का उत्पादन बढ़ाएं। उन्होंने सैन्य खुफिया क्षमताओं को मजबूत करने और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को विकसित करने पर भी जोर दिया।

यह चेतावनी-आदान-प्रदान ऐसे समय में हुआ है जब इस बात को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है कि क्या वाशिंगटन ईरान के खिलाफ एक और सैन्य हमला कर सकता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के एक दिन बाद ईरान पर फिर से हमले शुरू करने की योजना बना रहा है। इससे दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव का एक नया दौर शुरू हो सकता है। ट्रम्प के हालिया बयानों ने सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू होने की अटकलों को और बढ़ा दिया है, जबकि उन्होंने यह भी कहा है कि वाशिंगटन इस संघर्ष को खत्म करने के लिए राजनयिक प्रयास कर रहा है।

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