इंग्लैंड में हार पर बोले उपकप्तान तिलक वर्मा, ‘विदेशी परिस्थितियों में खेलने का कम अनुभव पड़ा भारी

Vice-captain Tilak Varma on the defeat in England: 'Lack of experience playing in overseas conditions proved costly.'
(Screen Shot BCCI Video)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर भारतीय टी20 टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उपकप्तान तिलक वर्मा ने टीम की लगातार हार पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। टी20 विश्व कप चैंपियन भारत यूनाइटेड किंगडम दौरे पर एक भी मुकाबला नहीं जीत सका। टीम पहले आयरलैंड से दो मैचों की टी20 सीरीज 0-2 से हारी और फिर इंग्लैंड के खिलाफ चार मैचों की सीरीज में 0-4 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा।

जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज शुरू होने से पहले तिलक वर्मा ने कहा कि टीम का खराब प्रदर्शन काफी हद तक विदेशी परिस्थितियों में हाल के वर्षों में कम क्रिकेट खेलने की वजह से रहा।

उन्होंने कहा, “अगर पिछले दो साल देखें तो हमने ज़्यादातर मुकाबले एशिया में खेले हैं। दो साल बाद सीधे आयरलैंड और फिर इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ विदेशी परिस्थितियों में खेलना आसान नहीं था। इंग्लैंड एक बेहतरीन टीम है और चुनौती काफी कठिन थी।”

हालांकि, तिलक के इस तर्क पर सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि भारत ने टी20 विश्व कप 2026 से पहले दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में भी टी20 सीरीज खेली थी। लेकिन यह जरूर था कि इस भारतीय टीम का इंग्लैंड में 2022 के बाद पहला टी20 दौरा था।

अपनी बल्लेबाजी पर भी दी सफाई

आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर तिलक वर्मा भी बल्ले से अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके, जिसके चलते उनकी आलोचना हुई। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी पसंदीदा नंबर-3 की बजाय नंबर-5 और नंबर-6 पर बल्लेबाजी करनी पड़ी, जहां टीम की जरूरत के हिसाब से खेलना पड़ा।

तिलक ने कहा, “क्रिकेट में अलग-अलग नंबर पर बल्लेबाजी करनी पड़ती है। मैं हमेशा टीम की जरूरत के अनुसार खेलता हूं। अगर टीम को संभालने की जरूरत होती है तो मैं वैसा खेलता हूं और अगर आक्रामक बल्लेबाजी करनी हो तो वैसा भी करता हूं।”

उन्होंने बताया कि आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर पावरप्ले में लगातार चार-पांच विकेट गिर रहे थे। ऐसे में सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी करने की बजाय पारी को संभालना उनकी जिम्मेदारी थी।

“ऐसे समय में जाकर पहली ही गेंद से बड़े शॉट खेलने का कोई मतलब नहीं था। मेरी स्वाभाविक शैली आक्रामक है, लेकिन देश के लिए खेलते समय जिम्मेदारी सबसे पहले आती है।”

तिलक वर्मा ने कहा कि उपकप्तान बनने के बाद उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं और वह टीम प्रबंधन के भरोसे पर खरा उतरना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “अगर टीम ने मुझे उपकप्तान बनाया है तो सोच-समझकर ही बनाया होगा। मैं वही जिम्मेदारी निभाना चाहता हूं जो टीम मैनेजमेंट मुझसे चाहता है।”

जिम्बाब्वे को हल्के में नहीं ले रही टीम इंडिया

भारत अब 23 जुलाई से शुरू हो रही तीन मैचों की टी20 सीरीज में जिम्बाब्वे का सामना करेगा। तिलक वर्मा ने कहा कि मेजबान टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल जिम्बाब्वे ने युवा भारतीय टीम के खिलाफ सीरीज का पहला मुकाबला जीतकर सभी को चौंका दिया था। “जिम्बाब्वे बेहद प्रतिस्पर्धी टीम है। हमें उम्मीद है कि वह इस बार भी पूरी ताकत से चुनौती देगी।”

तिलक का मानना है कि आयरलैंड और इंग्लैंड में हाल ही में खेलने का अनुभव भारत के काम आएगा। उन्होंने कहा कि वहां की तरह जिम्बाब्वे में भी बड़े मैदान, ठंडा मौसम और तेज हवा जैसी परिस्थितियां हैं, जिससे भारतीय खिलाड़ियों को इस बार कुछ फायदा मिल सकता है।

भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा, जहां भारतीय टीम हालिया निराशाजनक दौरे को पीछे छोड़ते हुए जीत के साथ नई शुरुआत करने की कोशिश करेगी।

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