विराट कोहली बोले: “कप्तानी छोड़ना मुश्किल था, लेकिन खुद की खुशी के लिए ज़रूरी था”
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: टीम इंडिया और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि उन्होंने कप्तानी से इसलिए हटने का फैसला लिया क्योंकि वह जिम्मेदारियों के दबाव में मानसिक रूप से थक चुके थे। कोहली ने यह बात RCB पॉडकास्ट – माइंडसेट ऑफ़ ए चैंपियन में साझा की।
कोहली ने कहा, “एक समय ऐसा आया जब चीज़ें मेरे लिए बहुत मुश्किल हो गई थीं। मैं लगातार 7-8 साल तक भारत की कप्तानी कर रहा था, और 9 साल तक RCB का नेतृत्व किया। हर मैच में मुझसे बल्लेबाजी में प्रदर्शन की उम्मीद की जाती थी। कप्तानी हो या बल्लेबाजी, हर समय मेरे ऊपर ध्यान रहता था। यह सब बहुत ज्यादा हो गया था।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने सोचा कि अगर मैं इस स्थान पर बना रहना चाहता हूं, तो मुझे खुश रहना होगा। मुझे अपने जीवन में ऐसी जगह चाहिए थी जहां मैं सिर्फ क्रिकेट खेल सकूं, बिना किसी जजमेंट के।”
विराट कोहली ने RCB के साथ अपने रिश्ते को किसी भी ट्रॉफी से ज्यादा महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “मेरे लिए सबसे अहम बात वो रिश्ता और सम्मान है जो इतने सालों में RCB के साथ बना है। चाहे हम जीतें या न जीतें, यह मेरा पल है। जो प्यार मुझे RCB के फैंस से मिला है, वह किसी भी ट्रॉफी से कहीं ज्यादा है।”
उन्होंने युवा दौर में दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी मार्क बाउचर के योगदान को भी याद किया। कोहली ने कहा, “मार्क बाउचर ने मेरी शॉर्ट बॉल की कमजोरी को पहचाना और उसे सुधारने में मेरी मदद की। उन्होंने कहा था कि अगर तुम इस कमजोरी को नहीं सुधारोगे तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोई मौका नहीं देगा। उनके शब्दों ने मुझे लगातार बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया।”
भारतीय टीम में शुरुआती दौर के बारे में बात करते हुए कोहली ने कहा कि उन्हें गैरी कर्स्टन और महेंद्र सिंह धोनी से नंबर तीन पर खेलने का पूरा समर्थन मिला।
“मैं अपने स्किल्स को लेकर बहुत यथार्थवादी था। मेरे पास सिर्फ एक चीज़ थी — संकल्प। मैं टीम के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता था। गैरी और एमएस ने मुझसे कहा कि हम तुम्हें नंबर तीन पर बैक कर रहे हैं। तुम्हारी ऊर्जा और फील्ड पर उपस्थिति हमारे लिए सबसे बड़ी चीज़ है।”
