राहुल गांधी के कारण संसद में नहीं रख पाए भारत–अमेरिका व्यापार समझौते का विवरण: पीयूष गोयल
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में विपक्ष द्वारा किए गए बार-बार के हंगामे के कारण सरकार संसद में भारत–अमेरिका व्यापार समझौते का विवरण साझा नहीं कर सकी। मीडिया को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि वह इस अहम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर संसद को जानकारी देना चाहते थे, लेकिन सदन में बने “अशोभनीय माहौल” के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया।
गोयल ने कहा, “मैं संसद में इस व्यापार समझौते पर बोलना चाहता था, लेकिन कांग्रेस और राहुल गांधी के नेतृत्व में किए गए हंगामे के कारण मुझे मौका नहीं मिला।” उन्होंने राहुल गांधी पर “नकारात्मक मानसिकता” रखने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि आखिर वह ऐसे समझौते का विरोध क्यों कर रहे हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित: सरकार
केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापार वार्ता के दौरान भारत के संवेदनशील क्षेत्रों, विशेष रूप से कृषि और डेयरी सेक्टर, के हितों की पूरी तरह रक्षा सुनिश्चित की है। गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्यक्तिगत स्तर पर अच्छे संबंधों का लाभ भारत को मिला है, जिसके चलते यह समझौता क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में भारत के लिए बेहतर साबित हुआ है।
उन्होंने इसे भविष्य के लिए “सकारात्मक संकेत” बताते हुए कहा कि यह समझौता व्यापार और राष्ट्रीय हितों के बीच संतुलन को दर्शाता है।
उचित समय पर साझा होगी पूरी जानकारी
माना जा रहा है कि इस व्यापार समझौते की घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी। यह समझौता अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाने के फैसले के बाद शुरू हुई बातचीत और बाद में टैरिफ में कटौती के परिणामस्वरूप सामने आया।
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि सरकार पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है और संसद में व्यवस्था बहाल होते ही भारत–अमेरिका व्यापार समझौते का पूरा विवरण साझा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ बिंदुओं पर अभी बातचीत चल रही है और अंतिम रूप दिए जाने के बाद संयुक्त बयान जारी किया जाएगा।
