बजट पर इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की क्या है राय

चिरौरी न्यूज़

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के सामने साल 2020-21 के लिए आम बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने तमान सेक्टर्स के लिए कई सारे फायदे गिनाये जिनका भारत की आर्थिक स्थिति पर अच्छा-बुरा असर पड़ सकता है. आइये जानते हैं इस बजट पर इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की क्या राय है:

मनप्रीत सिंह चड्ढा, चेयरमैन, वेव ग्रुप

बजट 2021 उच्च विकास दर के लिए मजबूत  आधारशिला स्थापित करेगा। निजीकरण के लिए एक स्पष्ट रोड मैप के साथ,  इस बजट में  प्रस्तावित CAPEX  के तहत एक उच्च  विकास दर  को हासिल  किया जा सकेगा. अफोर्डेबल हाउसिंग में टैक्स छूट को अब एक और साल के लिए बढ़ाया गया है, यानी यह 31 मार्च 2022 तक लागू रहेगी, इसके साथ ही टीडीएस से छूट और REIT को लाभांश भुगतान करने के  प्रस्ताव  सही मायने में  रियल एस्टेट सेक्टर के लिए  एक बहुत जरूरी  और राहत भरी बात  है । इस कठिन समय में, यह एक बहुत अच्छा बजट है क्योंकि इसमें टैक्स  संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे  व्यक्ति के हाथ में व्यय करने की छमता पर असर नहीं होगा।

जयदीप हंसराज, एमडी और सीईओ, कोटक सिक्योरिटीज
कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने काफी बढ़िया बजट पेश किया है. इससे ज्यादा नहीं की जा सकती थी. सरकार ने ग्रोथ के लिए राजकोषीय दबाव को बढ़ने दिया है. टैक्स में बदलाव नहीं करना बाजार के लिए अच्छी खबर है. इसी वजह से शेयर बाजार में बंपर तेजी जारी है.

आशुतोष बिश्नोई, एमडी और सीईओ, महिंद्रा मैन्यूलाइफ म्यूचुअल फंड
यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बड़ी राहत देता है, जिसमें इनिवट और दबाव वाले एसेट्स पर जोर है. उम्मीद है कि इससे निवेशकों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कई बड़े मौके निकल कर आएंगे. जीरो कूपन बॉन्ड भी इस सेक्टर के लिए बड़ी खबर है, जिसका स्वागत किया जा सकता है.

आदित्य नरेन, रिसर्च प्रमुख- संस्थागत इक्विटीज, एडलवाइज सिक्योरिटीज
इस बजट में सरकार ने सही और सटीक कदम उठाए हैं. अभी यह बजट विस्तारवादी नजर आता है, मगर इससे नियामकीय खामियां दूर होंगी. दीर्घावधि में यह ग्रोथ का मार्ग खोलता है. बाजार के लिए महंगाई और करेंसी का जोखिम बना रहेगा, मगर बाजार जोखिम उठाने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं.

निलेश शाह, ग्रुप प्रेजिडेंट और एमडी, कोटक महिंद्रा एसेट मैनजेमेंट कंपनी
ग्रोथ आधारित बजट बाजार को सपोर्ट करता है. विनिवेश के लक्ष्य, एसेट का मौद्रीकरण, ऑटो स्क्रैपेज पॉलिसी बाजार के लिए अच्छी खबर हैं. नियमित आय के बाजार की नजरें रिजर्व बैंक मुद्री नीति पर होंगी क्योंकि कर्ज अधिक हो सकता है. बजट ने घरेलू इंडस्ट्री के लिए ग्रोथ के कई दरवाजे खोल दिए हैं.

हेमंत डागा, सीईओ, एडलवाइज एसेट मैनेजमेंट
लिक्विडिटी के रथ पर सवाल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए इस बजट ने भारत के दरवाजे खोल दिए हैं. यह सरकार का मास्टर स्ट्रोक है. रोड, एयरपोर्ट, ट्रांसमिशन टावर्स जैसे एसेट्स की मौद्रीकरण का फायदा सरकार और निवेशकों दोनों ही को होने वाला है. इससे पूंजी को अनलॉक किया जा सकता है.

रत्ना मेहता और समीर साठे

वाधवानी फाउंडेशन में वाधवानी कैटेलिस्ट की वाइस प्रेसिडेंट रत्ना मेहता कहती है, “यह उम्मीद का बजट है और सकारात्मकता की छड़ी है। बेहद मुश्किल परिस्थितियों में यह एक महत्वपूर्ण बजट था। बजट से बहुत सारी उम्मीद बंधी हुई थी और इनमें प्रमुख कि यह अर्थव्यवस्था को वापस समान्य स्थिति में लाएगा। वित्त मंत्री से घाटे का प्रबंध करने और अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने का मुश्किल काम अपेक्षित था। लगता है कि उन्होंने सफलता पाई है और रोजगार बढ़ाने के लिए खर्चों में वृद्धि की है।  इस तरह खपत में वृद्धि की उम्मीद है। यह एक बड़ा कदम है जो समय की आवश्यकता भी थी। हेल्थकेयर को भी सरकारी सहायता की जरूरत थी और यहां उन्होंने आवंटन में अच्छी-खासी वृद्धि की है। करों में छूट और डिजिटाइजेशन पर ध्यान दिए जाने से स्टार्ट अप को फायदा होगा खासकर हेल्थकेयर, संभारतंत्र, शिक्षा जिन्हें बढ़े हुए मौके मिलेंगे। कॉरपोरेट क्षेत्र को सेस और टैक्स में वृद्धि से बख्श दिया गया। इससे अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का कार्म निर्बाध ढंग से हो पाएगा। संक्षेप में बजट सही काम करता लगता है। ऐसे में बुराई इसके विवरण या विस्तार तथा लागू करने में होगी।

वाधवानी फाउंडेशन में वाधवानी एडवांटेज के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट समीर साठे कहते हैं, “मौजूदा बजट में विनिर्माण क्षेत्र के अंदर आपूर्तिश्रृंखला के वैश्वीकरण पर जोर है और संरचना में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। ये दोनों एसएमई के लिए स्वागत योग्य कदम है हालांकि अप्रत्यक्ष रूप से और थोड़ी कमजोरी के साथ क्योंकि एसएमई को इस निवेश का लाभ 2021 के बाद के हिस्से में या फिर 2022 में समझ में आएगा। मैं हेल्थकेयर के क्षेत्र में आए बदलाव से खुश हूं और आशावान भी। भारत, फाउंडेशन और एडवांटेज प्रोग्राम के लिए यह एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। मुख्य बात इसे लागू करने में है।

इसके अलावा, लघु उद्योग की सीमा का विस्तार करने की कार्रवाई प्रतीकात्मक है और बुनियादी तौर पर गलत नहीं है। इससे सरकारी लाभ और छूट की लाभार्थी कंपनियों की संख्या बढ़ जाएगी। सरकार ने यह सब उन्हें उनकी  रक्षा के नजरिए दी है। इससे छोटी कंपनियों की बुनियादी प्रतिस्पर्धिता में कोई बदलाव नहीं आता है बशर्ते वे प्रबंध की क्षमता का विकास करें ताकि जो छूट और सुरक्षा दी गई है उसका लाभ उठा सकें तथा उस मकसद से काम कर सकें। यह खिलाड़ियों का जीतने का कौशल बढ़ाए बगैर खेल के ज्यादा मैदान देने की तरह हैं। मुझे उनके लिए ज्यादा ठोस और क्षमता बनाने वाले बजट बदलावों की उम्मीद थी।

वाधवानी फाउंडेशन में वाधवानी ऑपरचुनिटी के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट सुनील दहिया ने कहा, “बजट में अप्रेंटिसशिप ऐक्ट में प्रस्तावित संशोधन में हमारी शिक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था में नई जान फूंकने की संभावना है। इससे हमारे युवाओं के लिए अप्रेंटिसशिप के मौकों को और बेहतर करने की संभावना बनेगी। भारत के कामगारों को कौशल युक्त करने के लिए अप्रेंटिसशिप सर्वश्रेष्ठ मॉडल हो सकता है। यह छात्रों या युवकों को पूरी तरह प्रशिक्षत उद्योग का कार्यकारी बनने में सहायता करता है। ये ऐसे लोग होंगे जिन्हें कार्यस्थल पर काम करने का वास्तविक अनुभव होगा। इससे ना सिर्फ युवकों को नौकरी पर रखने की योग्यता बेहतर होगी बल्कि बेरोजगारी भी कम होगी पर नियोक्ता के नजरिए से देखें तो इससे युवकों का कौशल बेहतर होगा, उनकी उत्पादकता बढ़ेगी और वे पेशेवर होंगे।

 

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