जब गेंदबाज़ गलती करते हैं, तो वैभव सूर्यवंशी अपनी कमज़ोरी को ताक़त में बदल देते हैं: इयान बिशप

When bowlers make mistakes, Vaibhav Suryavanshi turns his weakness into a strength: Ian Bishop.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: सिर्फ़ 15 साल की उम्र में किसी प्रोफ़ेशनल खेल में उतरना ही बड़ी बात होती है और अगर उसी उम्र में आप दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के सामने बेख़ौफ़ खेल रहे हों, तो वह प्रतिभा सचमुच असाधारण कहलाती है। राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी इस समय ठीक ऐसा ही कर रहे हैं। उनका निडर अंदाज़ और शीर्ष स्तर की गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ आत्मविश्वास भरा खेल उन्हें क्रिकेट जगत की नई सनसनी बना चुका है।

एक ऐसे टूर्नामेंट में, जो कड़ी प्रतिस्पर्धा और वैश्विक टैलेंट के लिए जाना जाता है, यानी इंडियन प्रीमियर लीग, सूर्यवंशी का तेज़ी से उभरना इस बात का संकेत है कि फ़्रैंचाइज़ी क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। वेस्ट इंडीज़ के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ और कमेंटेटर इयान बिशप का मानना है कि इस युवा खिलाड़ी की सबसे बड़ी ताकत उसकी मानसिक मज़बूती है।

ESPNcricinfo से बातचीत में बिशप ने कहा कि सूर्यवंशी मानसिक रूप से बेहद सशक्त हैं और दुनिया के बेहतरीन गेंदबाज़ों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार नज़र आते हैं। उन्होंने विशेष रूप से जसप्रीत बुमराह के ख़िलाफ़ उनके आत्मविश्वास का ज़िक्र किया और उनकी बल्लेबाज़ी तकनीक को “अनोखा” बताया जिसमें उनके बल्ले का स्विंग कुछ हद तक बेसबॉल शैली की झलक देता है।

हालाँकि बिशप ने यह भी स्वीकार किया कि सूर्यवंशी की तकनीक में कुछ कमज़ोरियाँ हो सकती हैं, जैसे ‘बैक-ऑफ़-द-लेंथ’ गेंदों पर थोड़ी परेशानी, लेकिन उनकी आक्रामकता और पलटवार करने की क्षमता अक्सर इन कमियों पर भारी पड़ जाती है। अगर गेंदबाज़ अपनी लाइन-लेंथ में चूक करता है, तो सूर्यवंशी उसे तुरंत बाउंड्री के पार भेजने में संकोच नहीं करते।

बिहार में जन्मे इस युवा बल्लेबाज़ ने जोश हेज़लवुड, पैट कमिंस, भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह जैसे अनुभवी गेंदबाज़ों के सामने भी बिना झिझक बल्लेबाज़ी की है। इतना ही नहीं, उन्होंने कई मौकों पर पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे साफ़ कर दिए।

उनकी उपलब्धियाँ भी कम चौंकाने वाली नहीं हैं। सूर्यवंशी IPL इतिहास में एक ही सीज़न में 400 रन तक सबसे तेज़ पहुँचने वाले बल्लेबाज़ बन चुके हैं, सिर्फ़ नौ पारियों में 238.10 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ। यही वजह है कि वह इस सीज़न की ‘ऑरेंज कैप’ की दौड़ में शीर्ष तीन खिलाड़ियों में शामिल हैं।

उनकी शानदार फ़ॉर्म को देखते हुए अब यह चर्चा भी तेज़ हो गई है कि क्या उन्हें जल्द ही भारतीय टीम में मौका मिल सकता है। अगर ऐसा होता है, तो वह सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड (16 साल 205 दिन) और शेफाली वर्मा का समग्र रिकॉर्ड (15 साल, 7 महीने, 27 दिन) भी तोड़ सकते हैं।

फिलहाल उनका अंतरराष्ट्रीय भविष्य अटकलों का विषय बना हुआ है, लेकिन IPL 2026 में उनका प्रदर्शन इस दिशा में मज़बूत दावेदारी पेश कर रहा है। अब सभी की नज़रें 1 मई को होने वाले मुकाबले पर हैं, जहाँ राजस्थान रॉयल्स का सामना दिल्ली कैपिटल्स से होगा—और एक बार फिर यह युवा सितारा अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है।

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