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वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में मौका क्यों नहीं? गंभीर और लक्ष्मण के कार्यकाल के आंकड़ों ने छेड़ी नई बहस

Why was Vaibhav Sooryavanshi not given a chance in the playing XI? Statistics from the tenures of Gambhir and Laxman have sparked a new debate.
(Pic credit: BCCI)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर प्लेइंग XI में जगह नहीं मिल सकी। बुधवार को हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए चौथे T20I मुकाबले के लिए कप्तान श्रेयस अय्यर ने बिना किसी बदलाव के टीम उतारने का फैसला किया। इसके साथ ही 15 वर्षीय सूर्यवंशी को लगातार नजरअंदाज किए जाने पर बहस तेज हो गई है।

सूर्यवंशी को इस सीजन में अब तक एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला है। ऐसे में अगर भारत को इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ता है, तो सीरीज के निर्णायक मैच में भी टीम प्रबंधन मौजूदा बल्लेबाजी क्रम पर भरोसा बनाए रख सकता है। हालांकि, इस बीच सूर्यवंशी को लेकर सामने आए आंकड़ों ने एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

गंभीर और लक्ष्मण के कार्यकाल में सूर्यवंशी को मिले मौकों में बड़ा अंतर

वैभव सूर्यवंशी को खेलने के अवसर मिलने के मामले में भारतीय टीम के नियमित मुख्य कोच गौतम गंभीर और BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के कार्यकाल के आंकड़ों में अंतर दिखाई देता है।

आंकड़ों के मुताबिक, सूर्यवंशी ने अपने अब तक के आठ T20I मुकाबलों में से पांच मैच वीवीएस लक्ष्मण के मार्गदर्शन में खेले। इसके विपरीत, गौतम गंभीर के नियमित मुख्य कोच रहने के दौरान सूर्यवंशी 14 मैचों की टीम में शामिल रहे, लेकिन उन्हें प्लेइंग XI में केवल तीन बार ही जगह मिली।

यह अंतर ऐसे समय में सामने आया है, जब युवा बल्लेबाज को लगातार मौके दिए जाने की मांग उठ रही है। हालांकि, इन आंकड़ों के आधार पर टीम प्रबंधन के फैसलों के पीछे की वजह तय नहीं की जा सकती, लेकिन इससे सूर्यवंशी को लेकर चयन नीति पर सवाल जरूर खड़े हुए हैं।

लक्ष्मण की देखरेख में खेले पांच मुकाबले

वीवीएस लक्ष्मण ने इस साल की शुरुआत में जिम्बाब्वे के खिलाफ T20I सीरीज के दौरान गौतम गंभीर की जगह भारतीय टीम की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद उन्होंने एशियाई खेलों के दौरान भी टीम का मार्गदर्शन किया।

सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीनों मुकाबलों में खेलने का मौका मिला। वहीं, एशियाई खेलों में भी वह भारतीय टीम का हिस्सा रहे और उन्होंने खेले गए मुकाबलों में अपनी प्रतिभा दिखाई।

हालांकि, अफगानिस्तान के खिलाफ एशियाई खेलों का क्वार्टर फाइनल बारिश की भेंट चढ़ गया था। भारतीय टीम इस मैच में एक भी गेंद खेले बिना आगे बढ़ गई थी। उस मुकाबले में सूर्यवंशी टीम का हिस्सा नहीं थे। भारत को बेहतर रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में जगह मिली और इसके बाद टीम फाइनल तक पहुंची।

आठ T20I में 246 रन, 186 का स्ट्राइक रेट

महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से खासा ध्यान खींचा है। उन्होंने अब तक खेले गए आठ T20I मुकाबलों में 246 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 186 का रहा है, जो उनके आक्रामक अंदाज को दर्शाता है।

उनके इन आंकड़ों के बावजूद प्लेइंग XI में लगातार जगह नहीं मिलने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस युवा बल्लेबाज को अपनी क्षमता साबित करने के लिए अधिक मौके मिलने चाहिए।

सहवाग ने भी उठाई अधिक मौके देने की मांग

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग भी सूर्यवंशी को लेकर अपनी राय रख चुके हैं। उनका मानना है कि अगर कोई खिलाड़ी शीर्ष स्तर के क्रिकेट में खेलने की क्षमता रखता है, तो उसकी उम्र को चयन में बाधा नहीं बनना चाहिए।

सहवाग ने कहा कि आयु वर्ग के क्रिकेट में उम्र का नियम महत्वपूर्ण होता है। उदाहरण के तौर पर अंडर-19 क्रिकेट में खेलने के लिए खिलाड़ी का 19 वर्ष से कम उम्र का होना जरूरी है। लेकिन IPL या भारतीय सीनियर टीम में खेलने के मामले में प्रदर्शन और क्षमता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, “अगर 38 या 40 साल के विराट कोहली खेल रहे हैं और 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भी खेल रहे हैं, तो फिर सिर्फ प्रदर्शन मायने रखता है।”

सहवाग की इस टिप्पणी ने सूर्यवंशी को अधिक अवसर दिए जाने की बहस को और हवा दे दी है। अब देखना होगा कि टीम प्रबंधन इस युवा प्रतिभा को आगामी मुकाबलों में मौका देता है या नहीं। फिलहाल, सूर्यवंशी के प्रदर्शन के आंकड़े और प्लेइंग XI से उनकी लगातार अनुपस्थिति भारतीय क्रिकेट में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

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