युमनाम खेमचंद सिंह होंगे मणिपुर के नए मुख्यमंत्री
चिरौरी न्यूज
इंफाल/नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और मणिपुर सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। राज्य में लगभग एक वर्ष से राष्ट्रपति शासन लागू है और मुख्यमंत्री का पद 9 फरवरी 2025 से रिक्त था, जब जातीय हिंसा के लंबे दौर के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था।
मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित बैठक के बाद युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया, जिसके साथ ही उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। अब उनके नाम को बीजेपी-नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के अन्य दलों के विधायकों की औपचारिक मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके लिए एक अलग बैठक प्रस्तावित है।
राष्ट्रपति शासन समाप्त होने से पहले बड़ा फैसला
खेमचंद सिंह का नाम मौजूदा राष्ट्रपति शासन की अवधि समाप्त होने से करीब 10 दिन पहले घोषित किया गया है। 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में फिलहाल बीजेपी के पास 37 विधायक हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 32 सीटें जीती थीं, जबकि जद(यू) को 6 सीटें मिली थीं। बाद में जद(यू) के पांच विधायक बीजेपी में शामिल हो गए। इसके अलावा, एक सीट वर्तमान में विधायक के निधन के कारण रिक्त है।
कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह
मेइती समुदाय से आने वाले युमनाम खेमचंद सिंह दो बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 2017 और 2022 में लगातार दो बार सिंगजामेई विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। मार्च 2017 में वह मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए थे और पूरे पांच वर्षों तक इस पद पर रहे।
2022 के विधानसभा चुनावों के बाद उन्हें दूसरी बीरेन सिंह सरकार में मंत्री बनाया गया। उनके पास ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, नगर प्रशासन, आवास विकास और शिक्षा जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी थी। राष्ट्रपति शासन लागू होने तक वह मंत्री पद पर बने रहे।
लगभग एक वर्ष से राष्ट्रपति शासन झेल रहे मणिपुर में अब नई सरकार के गठन से राजनीतिक स्थिरता लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। माना जा रहा है कि खेमचंद सिंह के नेतृत्व में राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने और शांति बहाल करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
