कपिल सिब्बल ने कहा, चीनी घुसपैठ को लेकर प्रधानमंत्री को करना चाहिए ‘राजधर्म’ का पालन

चिरौरी न्यूज़

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने आज कहा है कि लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ चल रहे गतिरोध के मामले में प्रधानमन्त्री को देश को सच्चाई बतानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चीनी सैनिकों के कब्जे से भारतीय जमीन को मुक्त कराने के लिए प्रधानमंत्री को ‘राजधर्म’ का पालन करना चाहिए।

सिब्बल ने कहा कि ‘‘नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री बनने से पहले अक्सर कहते थे कि हम चीन को लाल आंख दिखाएं। लेकिन अब चीन का नाम नहीं ले रहे।’’ सिब्बल ने एक ब्रिटिश अखबार द्वारा उपग्रह से ली गयी तस्वीर का हवाला देते हुए दावा किया कि चीन की सेना ने भारतीय क्षेत्र में कई निर्माण कार्य कर लिए हैं। उन्होंने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री देश को बताएं कि क्या चीनी सैनिकों ने पेंगोंग सो इलाके में फिंगर चार तक कब्जा कर रखा है या नहीं? क्या यह वास्तविकता नहीं है? क्या वह इलाका हमारी मातृभूमि नहीं है?’’

उन्होंने ये भी पूछा कि, ‘‘क्या चीन ने उस स्थान पर कब्जा नहीं किया है जहां हमारे 20 जवान शहीद हुए थे? कपिल सिब्बल ने मोदी के कल के लद्दाख दौरे पर कहा कि 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी गलवान घाटी गईं थीं। लेकिन मोदी जब लद्दाख गए तो सीमा से 230 किलोमीटर दूर गए। हमारे जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें सीमा के नजदीक जाना चाहिए।

सिब्बल ने पूछा, ‘‘क्या यह सही नहीं कि लद्दाख में स्थानीय काउंसलर्स, जिनमें बीजेपी के काउंसलर भी शामिल हैं, उन्होंने चीन द्वारा हमारी जमीन पर कब्जा करने के बारे में फरवरी, 2020 में प्रधानमंत्री मोदी को ज्ञापन भेजा था? प्रधानमंत्री ने उस पर क्या कार्रवाई की? अगर प्रधानमंत्री ने समय रहते कदम उठाया होता, तो क्या हम चीनियों के अतिक्रमण को पहले ही नहीं रोक देते?’’

Leave a Reply

Your email address will not be published.