राष्‍ट्रीय महिला आयोग ने शुरू किए महिलाओं का सशक्‍तीकरण का कार्यक्रम

चिरौरी न्यूज़

नई दिल्ली: सभी क्षेत्रों में महिलाओं को मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, राष्‍ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्‍ल्‍यू) ने 4 मार्च को दो कार्यक्रमों की शुरुआत की है। पहला कार्यक्रम है उद्यमिता के माध्‍यम से महिलाओं को सशक्‍त बनाना, यह एक व्‍यवसाय और प्रबंधन पाठ्यक्रम है जो 5000 महत्‍वाकांक्षी महिला उद्यमियों को डिजिटल साक्षरता के लिए समर्थन प्रदान करेगा। दूसरा कार्यक्रम है वी थिंक डिजिटल का तीसरा चरण, यह एनसीडब्‍ल्‍यू, फेसबुक और साइबर पीस फाउंडेशन द्वारा संयुक्‍तरूप से संचालित डिजिटल साक्षरता पर एक ऑनलाइन कार्यक्रम है। इन कार्यक्रमों को माननीय उप-राज्‍यपाल, लद्दाख, श्री राधा कृष्‍ण माथुर, श्री जामयांग सेरिंग नामग्‍याल, सांसद, लद्दाख, आयोग के सदस्‍यों और अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों की उपस्थिति में लॉन्‍च किया गया।

राष्‍ट्रीय महिला आयोग एक सर्वोच्‍च वैधानिक संगठन है, जो जीवन के सभी क्षेत्रों में समानता और समान भागीदारी प्राप्‍त करने में महिलाओं को सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रहा है। आर्थिक स्‍वतंत्रता ही महिला सशक्‍तीकरण की कुंजी है इस बात को स्‍वीकारते हुए, एनसीडब्‍ल्‍यू का उद्देश्‍य महिला उद्यमियों को उनके उद्यमशीलता उपक्रमों के विकास और स्‍थायित्‍व के लिए आवश्‍यक ज्ञान और कौशल तक पहुंच प्रदान करने के माध्‍यम से पूरे देश में महिलाओं के लिए एक स्‍थायी प्रभाव पैदा करना है। इसके लिए, राष्‍ट्रीय महिला आयोग ने प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्‍थान भारतीय प्रबंधन संस्‍थान बैंगलोर, जो प्रबंधन, नवाचार और उद्यमिता में उत्‍कृष्टता को बढ़ावा देता है, और लघु एवं मध्‍यम उद्यमों के लिए भारत की सबसे बड़ी गैर-लाभकारी संस्‍था इंडिया एसएमई फोरम के साथ भागीदारी कर 5000 महत्‍वाकांक्षी महिला उद्यमियों को डिजिटल साक्षर बनाने में समर्थन और प्रायोजित करने के लिए एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। चयनित महिला उद्यमियों को पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद हमारे नॉलेज और मार्गदर्शक भागीदारों द्वारा मार्गदर्शन और ज्ञान हासिल करने का विशेष मौका दिया जाएगा। उद्यमशीलता के माध्‍यम से महिलाओं का सशक्‍तीकरण प्रतिभागियों को उनके विचारों का परीक्षण करने और उन्‍हें साकार करने का अवसर देने का एक व्‍यवस्थित, वैज्ञानिक और एक आसान प्रक्रिेया है। चयनित प्रतिभागी “डू योर वेंचर” आइडियोलॉजी को सीखेंगे, जो उन्‍हें उन सामान्‍य रास्‍तों के बारे में बताएगी, जिनका अनुसरण उद्यमी अपना स्‍वयं का वेंचर शुरू करते समय करता है। वे विचारों को विकसित करने और फील्‍ड में अपने विचारों का परीक्षण करने एवं फीडबैक हासिल करने के लिए टूल्‍स और तकनीक के बारे में भी सीखेंगे।

सभी 5000 चयनित प्रतिभागियों के लिए इस पाठ्यक्रम राष्‍ट्रीय महिला आयोग द्वारा प्रायोजित होगा और आईआईएम बैंगलौर द्वारा प्रदान किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम को महत्‍वाकांक्षी महिला उद्यमियों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए सक्षम बनाने और आईआईएमबी के प्रतिष्ठित शिक्षकों से सीखने के लिए डिजाइन किया गया है। पाठ्यक्रम में सुविधाजनक समय पर कहीं से भी शामिल हुआ जा सकता है। पाठ्यक्रम के दौरान, प्रतिभागियों को अपने स्‍थान पर डिसकशन फोरम और अन्‍य ऑनलाइन टूल्‍स के माध्‍यम से सहकमी नेटवर्क पर लाभ उठाने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाएगा।

आयोग ने एनसीडब्‍ल्‍यू, साइबर पीस फाउंडेशन और फेसबुक द्वारा संचालित वैश्विक डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम वी थिंक डिजिटल के तीसरे चरण की भी शुरुआत की, जिसक उद्देश्‍य केरल, उत्‍तर प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, मध्‍य प्रदेश, गुजरात, झारखंड, बिहार सहित सभी राज्‍यों में महिलाओं को ऑनलाइन संसाधनों और शिकायत निवारण तंत्र के प्रभावी ढंग से उपयोग के लिए डिजिटल साक्षरण प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसे शुरू में 2018 में “डिजिटल शक्ति” के रूप में लॉन्‍च किया गया था, जिसके तहत पूरे भारत में 60,000 महिलाओं को डिजिटल साक्षरता और ऑनलाइन सुरक्षा में प्रशिक्षण दिया गया। सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2021 के अवसर पर,  इस कार्यक्रम के दूसरे चरण को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। 2020 में लॉन्‍च के बाद से पूरे भारत में 167 वेबिनार आयोजित किए गए और 105,000 से अधिक लोगों को संवेदनशील बनाया गया। अध्‍यक्ष सुश्री रेखा शर्मा ने एनसीडब्ल्‍यू द्वारा महिलाओं को वित्‍तीय, आर्थिक और भावनात्‍मक रूप से सशक्‍त बनाने के लिए आयोजित विभिन्‍न कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। “उद्यमशीलता के माध्‍यम से महिला सशक्तिकरण” कार्यक्रम के बारे में बोलते हुए उन्‍होंने कहा, उद्यमशीलता मन की वह स्थिति है, जो हर महिला के पास होती है लेकिन भारत में इसे उस तरह से उपयोग नहीं किया गया, जिस तरह से इसे होना चाहिए।

उन्‍होंने कहा, “महिला उद्यमशीलता विकास मानव संसाधन विकास का एक महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा है। विश्‍व की आधी आबादी यानी महिलाओं को शामिल किए बिना आर्थिक विकास के लिए लक्षित कोई भी रणनीति आधी-अधूरी ही होगी। सशक्‍तीकरण वह प्रक्रिया है, जिसके माध्‍यम से महिलाओं को अवसरों तक पहुंच बनाने और अपने

निर्णय लेने में सक्षम बनाया जाता है, और उन्‍हें सशक्‍त बनाने का सबसे अच्‍छा तरीका उन्हें आर्थिक रूप से स्‍वतंत्र बनाना है।”

 

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