मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए 100 दिन के काउंटडाउन कार्यक्रम की शुरुआत

चिरौरी न्यूज़

नई दिल्ली: केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)) और आयुष मंत्रालय राज्य मंत्री (अतिरिक्त प्रभार) किरेन रिजिजू ने नई दिल्ली के मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) में सातवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए 100 दिन के काउंटडाउन की शुरुआत की। समारोह की अध्यक्षता अतिरिक्त सचिव (आयुष) पीके पाठक ने की।

डॉ. आईवी बासावारद्दी, निदेशक, एमडीएनआईवाई ने अपने संबोधन के शुरुआत में माननीय मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने योग के प्रचार और विकास के लिए भारत सरकार की 3 प्रमुख पहलों के बारे में विस्तार से बताया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया है, यूनेस्को ने योग को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दी और योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल घोषित किया। इन पहलों के परिणामस्वरूप 2014 के बाद से योग के प्रचार में तेजी आई है।

अपर सचिव पी के पाठक ने कहा कि योग ने मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इसलिए यह कोविड-19 से मुकाबला करने में बेहद जरूरी भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न हितधारकों के साथ मिलकर आयुष मंत्रालय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021 के उत्सव के लिए कई गतिविधियां लेकर आ रहा है।

माननीय मंत्री ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि योग एक सॉफ्ट पावर है और इसने भारत को अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी के समक्ष एक विशिष्ट पहचान दी है।

उन्होंने यह भी कहा कि योग में रोजगार के अवसरों की व्यापक संभावनाएं हैं, खासकर योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में घोषित करने के बाद। उन्होंने समारोह के दौरान उपस्थित सभी युवा छात्रों और योग का अभ्यास करने और योगासनों में भाग लेने के लिए ऑनलाइन उपस्थित सभी लोगों से अपील की। मंत्री ने यह भी कहा कि भारत के माननीय प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों के कारण, योग की स्वीकार्यता को इस हद तक बढ़ाया गया है कि इसे ‘जीवन के मार्ग’ के रूप में स्वीकार किया गया है।

रिजीजू ने मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान की एक द्वि-वार्षिक शोध पत्रिका योग विज्ञान के पहले संस्करण को भी जारी किया। पत्रिका में योग पेशेवरों के लाभ के लिए प्रकाशित होने वाले योग शास्त्र के बारे में बहुत उपयोगी वैज्ञानिक शोध लेख और पारंपरिक ज्ञान शामिल हैं।

मंत्री ने एमडीएनआईवाई द्वारा किए गए लेह-लद्दाख के योग प्रशिक्षकों के लिए योग पुन: उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया। माननीय मंत्री ने एमडीएनआईवाई के प्रयासों की सराहना की और कहा कि योग इस संस्थान के साथ एक लंबा रास्ता तय करेगा।

कार्यक्रम के दौरान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अभी तक के सफर और योग पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति भी पेश की गई। 69 साल के योग गुरु श्री बाल मुकुंद सिंह द्वारा पेश योग प्रदर्शन को काफी सराहना मिली।

आयुष मंत्रालय में निदेशक विक्रम सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया और युवाओं में माननीय मंत्री की सादगी औऱ लोकप्रियता का भी जिक्र किया। योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल घोषित करने के लिए माननीय मंत्री के प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने मंत्रालय में कार्य के वितरण में सुधार के लिए अथक प्रयासों के लिए श्री पीके पाठक, अपर सचिव, आयुष मंत्रालय को धन्यवाद दिया और सराहना की। टीम एमडीएनआईवाई की उनके निदेशक के प्रभावशाली नेतृत्व में किए गए प्रयासों की भी सराहना की गई।

एमडीएनआईवाई के निदेशक के नेतृत्व में सामान्य योग प्रोटोकॉल का 45 मिनट का लाइव प्रदर्शन किया गया। माननीय मंत्री ने स्वयं कोविड-19 दिशा-निर्देशों का पालन करने के बाद लगभग 300 योग छात्रों और उत्साही लोगों के साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया। एमडीएनआईवाई के निदेशक इस समारोह की अगुवाई कर रहे थे।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों के एक समूह द्वारा एक योग फ्यूजन का प्रदर्शन भी किया गया। 69 साल के योग गुरु श्री बाल मुकुंद सिंह द्वारा पेश योग प्रदर्शन को काफी सराहना मिली।

इस आयोजन का मूल उद्देश्य कॉमन योग प्रोटोकॉल को व्यापक प्रचार और प्रचार देना था ताकि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर अधिकतम लोगों को लाभ मिल सके। कार्यक्रम को एमडीएनआईवाई के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, आयुष सोशल मीडिया और माईगव (My Gov) के माध्यम से लाइव स्ट्रीम किया गया।

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