नार्थ ईस्ट कल्चर फेस्टिवल: पूर्वोत्तर राज्यों की सांस्कृतिक विरासत का बेहतरीन प्रदर्शन

दिलीप गुहा
नई दिल्ली: दिल्ली पर्यटन समय समय पर अनेक मेलों व उत्सवों का आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए करता रहता है। हमारा देश विभिन्न संस्कृतियों का संगम है और इसी संस्कृति को जीवित रखने व आज के युवाओं को इस संस्कृति से रूबरू करने के उद्देश्य से इन उत्सवों का आयोजन किया जाता है।
पूर्वोत्तर सांस्कृतिक महोत्सव शनिवार 16 दिसंबर 2023 को शुरू हुआ। उत्सव का आयोजन दिल्ली पर्यटन, दिल्ली सरकार एवं उत्तर पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र (एनईजेडसीसी) के सहयोग से सेंट्रल पार्क में किया जा रहा है।
शनिवार को आगंतुकों ने रिखमपाड़ा (अरूणाचल प्रदेश), बीहू नाच (असम), लाई हाराओबा (मणिपुर), वांगाला (मेघालय), म्यूजिकल बैंड – डिवाइन कन्नैक्शन, रॉक बैंड नागालैंड और कोरियोग्राफी लोकनृत्य ‘‘कलर्स ऑफ नार्थ ईस्ट इंडिया’’ की प्रस्तुति को देखा और सराहा।
संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार विजेता और पूर्वोत्तर सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक डॉ. प्रसन्ना गोगोई और उनकी टीम ने “कलर्स ऑफ नॉर्थ ईस्ट इंडिया” को खूबसूरती से कोरियोग्राफ किया था।
आज – ( 17-12-2023 ) चेई लाम व चिरौ (मिजोरम), नजांटा (नागालैंड), तमंग सेलो (सिक्किम), होजागिरी (त्रिपुरा) इसके साथ म्यूजिकल बैंड में ‘6 स्ट्रिंगस’ (असम राज्य) और कोरियोग्राफी लोकनृत्य ‘‘कलर्स ऑफ नार्थ ईस्ट इंडिया’’ की प्रस्तुति की जाएगी।
इस उत्सव में जिन गणमान्य अतिथितियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराई उनमे सुनीता कौशिक मुख्य प्रबंधक (इवेंट्स), मानिकशॉ बक्शी प्रबंधक (पब्लिक रिलेशन्स), कविता पाल, उप-प्रबंधक (पब्लिक रिलेशन्स) दिल्ली पर्यटन, डॉ प्रसन्ना गोगोई, निदेशक उत्तर पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, माधवी अग्रवाल, निदेशक- NJMC , टेक्सटाइल्स मंत्रालय भारत सरकार, विक्रम बिष्ट- SDM मुख्यालय -उत्तर पूर्वी दिल्ली कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।
इस उत्सव का उद्देश्य भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों (नार्थ ईस्टर्न स्टेट) के सांस्कृतिक नृत्य एवं पारंपरिक कला को आम जन तक पहुंचाना है। यह उत्यव सायः 6:30 बजे से रात्रि 9:30 तक चलेगा। इस दो दिवसीय सांस्कृतिक उत्तर पूर्वी 8 राज्यों से कुल 125 कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
