‘भारत का दिल कभी भी आशा जी को जाने देने के लिए तैयार नहीं था’: गौतम अदाणी ने आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने रविवार को मशहूर प्लेबैक सिंगर आशा भोसले के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि भारत का दिल उन्हें जाने देने के लिए कभी तैयार नहीं था और उनकी सुरीली आवाज़ पीढ़ियों तक अमर रहेगी।
X पर गौतम अदाणी ने “हम दोनों” (1961) फ़िल्म के अमर गीत की एक पंक्ति लिखी: “अभी न जाओ छोड़कर, कि दिल अभी भरा नहीं है…”। इसके ज़रिए उन्होंने यह ज़ाहिर किया कि देश इस महान गायिका को अलविदा कहने के लिए तैयार नहीं था।
उन्होंने कहा, “भारत का दिल आशा जी को जाने देने के लिए कभी तैयार नहीं था। वह अपने पीछे एक ऐसी अमर विरासत छोड़ गई हैं, जिसकी गूंज घरों, यादों और आने वाली पीढ़ियों में हमेशा सुनाई देगी। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे, आशा जी। आपकी सुरीली आवाज़ अमर है।”
“अभी न जाओ छोड़ कर, कि दिल अभी भरा नहीं …”
India’s heart was never ready to let Asha ji go. She leaves behind an immortal legacy that will echo across homes, memories and generations.
Rest in peace, Asha ji. Your melody is eternal.
ॐ शांति।🙏🏽 pic.twitter.com/1avRUU9KFZ— Gautam Adani (@gautam_adani) April 12, 2026
आशा भोसले का रविवार को मुंबई में 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें शनिवार शाम को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
शनिवार को आशा भोसले की पोती ज़नाई भोसले ने बताया था कि ज़्यादा थकान और सीने में इन्फेक्शन की वजह से दिग्गज गायिका को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। साथ ही, उन्होंने परिवार के लिए निजता बनाए रखने की भी अपील की थी।
अपने लंबे करियर में उन्होंने अनगिनत यादगार गीत गाए, जिनमें “चुरा लिया है तुमने जो दिल को”, “दो लफ़्ज़ों की है दिल की कहानी” और “ये लड़का हाय अल्लाह कैसा है दीवाना” जैसे गीत शामिल हैं। उन्होंने लगभग 20 भारतीय और विदेशी भाषाओं में गीत रिकॉर्ड किए। साल 2006 में उन्होंने बताया था कि अपने शानदार करियर में उन्होंने लगभग 12,000 गीत गाए हैं।
उन्होंने शंकर-जयकिशन, आर.डी. बर्मन, ओ.पी. नैयर, इलैयाराजा, बप्पी लाहिड़ी और ए.आर. रहमान जैसे कई मशहूर संगीतकारों के साथ काम किया। भारतीय संगीत में उनके अमूल्य योगदान के लिए आशा भोसले को साल 2000 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार और साल 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। इन सम्मानों ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में उन्हें सबसे महान आवाज़ों में से एक के रूप में स्थापित कर दिया।
